27 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

टैंकरों से पानी बेचने वालों की पौ बारह

सीकर

•

image

ajay yadav

•

Jul 22, 2016

water tanker

water tanker

अजमेर. बीसलपुर में जहां पिछले कई साल से मानसून में भरपूर पानी आ रहा है, वहीं शहर के कई इलाकों में अब भी पानी की मारा-मारी है।

इसका कारण कई मोहल्लों में पाइप लाइन नहीं होना तो कुछ में कम प्रेशर से जलापूर्ति किया जाना है।

एेसे में टैंकरों से पानी सप्लाई करने वालों की पौ बारह हो गई है। वे मनमाफिक दामों पर पानी के टैंकर पहुंचा कर चांदी कूट रहे हैं।

आमतौर पर 5000 लीटर क्षमता के पानी के टैंकर के दाम 175 से 200 रुपए तक रहते हैं, वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में इसके 250 से 300 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।

बीसलपुर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने एवं जलापूर्ति गड़बड़ाने पर टैंकरों से पानी बेचने वालों की मौज हो जाती है। एेसे में वे पानी के टैंकर के मनचाहे दाम वसूलने शुरू कर देते हैं।

पानी का संकट झेल रहे शहरवासियों को महंगे दामों में पानी के टैंकर मंगवाने के लिए भी कई बार इंतजार करना पड़ जाता है। टैंकर चालक प्राथमिकता से पहले नियमित ग्राहकों को टैंकर उपलब्ध कराते हैं।

कई जगह है पॉइंट

शहर में कई जगह पानी के टैंकरों के पॉइंट बनाए गए हैं। इनमें वैशाली नगर में माकड़वाली रोड, पंचशील, बापू नगर, रामनगर, शास्त्री नगर, अजय नगर व चंदवरदायी नगर सहित कई अन्य स्थान शामिल हैं।

यहां बोरिंग वाले स्थानों पर दिनभर पानी से भरे टैंकर खड़े रहते हैं। इनमें भी आकार के हिसाब से भाव तय किए गए हैं।

दूरी पर निर्भर हैं भाव

पानी के टैंकर के दाम बोरिंग स्थल से पानी पहुंचाने वाली जगह की दूरी पर तय करते हैं। जहां दूरी अधिक है, वहां 20 से 25 रुपए तक अधिक वसूल किए जाते हैं, जो स्थान बोरिंग के नजदीक हैं वहां दाम आमतौर पर कम रहते हैं।

निर्माण कार्य में भी जरूरत

पानी के टैंकर रोजमर्रा में मकानों के निर्माण के दौरान भी मंगवाए जाते हैं। इसके चलते इनकी मांग पूरे 12 महीने बनी रहती है।

मकान में निर्माण होने एवं पानी का टैंक बन जाने पर ही नल कनेक्शन मिल पाता है। उससे भी इतना पानी नहीं आता जिससे निर्माण कार्य हो सके। एेसे में पानी के टैंकर मंगवाना मकान मालिक की मजबूरी रहती है।

उनकी सुविधा के लिए चालकों ने टैंकरों में मोटर भी लगा रखी हैं, जिससे दूसरी मंजिल पर भी आसानी से पानी पहुंच जाता है।