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Social change-शराब का ठेका बंद करवाने को लेकर महिलाओं ने उठाए ईंट-पत्थर

बदलाव : मदस विश्वविद्यालय के नजदीक है शराब का ठेका, महिलाओं का आरोप छात्र व ग्रामीणों पर पड़ रहा है बुरा असर
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अजमेर

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Manish Singh

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Updated: 6 Sep 2019, 1:31 PM IST

Social change-शराब का ठेका बंद करवाने के लेकर महिलाओं ने उठाए ईंट-पत्थर

Social change-शराब का ठेका बंद करवाने के लेकर महिलाओं ने उठाए ईंट-पत्थर

अजमेर.
महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के निकट भूणाबाय गांव तिराहे पर स्थित शराब के ठेके को लेकर शुक्रवार दोपहर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। महिलाओं ने ईंट, पत्थर व लकड़ी हाथों में लेकर शराब का ठेका बंद करवाया। महिलाओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए देशी शराब ठेका संचालक को दुकान बंद करनी पड़ी। महिलाओं का आरोप है कि ठेके से यहां छात्रों के साथ-साथ गांव के बच्चों और पुरुषों पर बुरा असर पर पड़ रहा है। वहीं युवती व महिलाओं का राह से गुजरना दुर्भर हो रखा है।
शुक्रवार दोपहर भूणाबाय की महिलाएं सड़क पर उतर गई। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए मदस विश्वविद्यालय मार्ग पर स्थित देशी शराब के ठेके को बंद करवाने की मांग की। माया रावत का कहना है कि शराब का ठेका जयपुर रोड पर है। मार्ग में कुछ ही दूरी पर विश्वविद्यालय और मंदिर है। शराब का ठेका नजदीक होने से छात्र भी अक्सर दिन में यहां आसपास मंडराते रहते है। ऐसे में क्षेत्र में हमेशा असामाजिक तत्वों का डेरा जमा रह्वहता है। गांव की महिलाएं और विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ आए दिन अभïद्र व्यवहार होता है। ग्रामीणों पुरुष भी कमाई का अधिकांश पैसा शराब पर बहा रहे है। जिससे परिवार आर्थिक तंगी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने देशी शराब का ठेका बंद करवाने व अन्यंत्र ट्रांसफर करने की मांग की। महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए आगामी दिनों में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने महिलाओं से समझाइश कर मामला शांत करवाया। पुलिस ने मामले में आबकारी अधिकारियों से मिलने की सलाह दी।
आंदोलन की चेतावनी
माया रावत ने बताया कि शराब के ठेके से कुछ दूरी पर जयपुर रोड है तो कुछ दूरी पर मंदिर और मदस विश्वविद्यालय है। ऐसे में आबकारी विभाग को शराब का ठेका खोले से पहले यहां की लोकेशन देखनी चाहिए थी लेकिन विभागीय अधिकारियों ने लापरवाही बरतते हुए शराब के ठेके का आवंटन कर दिया। उन्होंने शराब का ठेका नहीं हटाए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।