31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

500 मोबाइल 1000 सिम, 5 राज्यों में 50 हजार लोगों से ठगी, जानिए किस तरह एक किसान का बेटा बना महाठग

किसान के इंजीनियर बेटे ने कोरोना संक्रमण काल में नौकरी लगवाने के नाम पर देश की सबसे बड़ी ठगी की। ठगी के मास्टर माइंड इंजीनियर को ओडिशा की ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार कर लिया। उसने करीब 50 हजार लोगों को ठगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलीगढ़

•

image

Kamta Tripathi

•

Updated: 2 Jan 2023, 6:21 PM IST

500 मोबाइल 1000 सिम, 5 राज्यों में 50 हजार लोगों से ठगी, जानिए किस तरह एक किसान का बेटा बना महाठग

50 से अधिक लोगों का कॉल सेंटर, 15 हजार रुपये सैलरी

किसान के इंजीनियर बेटे की नौकरी कोरोना संक्रमण काल में चली गई। इसके बाद उसने नौकरी देने का गैंग खड़ा किया। दो साल में इंजीनियर ने देश के कई राज्यों में करीब 50 हजार लोगों से करोड़ों की ठगी कर डाली। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जमालपुर से गिरफ्तार किया है। गैंग ने अब तक पांच राज्यों में 50 हजार से अधिक लोगों से ठगी की है। ओडिशा पुलिस उसे यहां से वारंट के आधार पर गिरफ्तार करके ले गई है।


यह भी पढ़ें : निकाय चुनाव: सुप्रीम कोर्ट ने OBC आरक्षण पर यूपी सरकार की याचिका को किया स्वीकार, 4 जनवरी को होगी सुनवाई

ओडिशा ईओडब्ल्यू टीम गिरफ्तारी वारंट लेकर अलीगढ़ पहुंची। जहां अधिकारियों से मुलाकात कर सिविल लाइंस जमालपुर हमदर्द नगर-ए, गोल मार्केट के 25 वर्षीय जफर अहमद पुत्र रज्जाक अहमद की गिरफ्तारी में मदद मांगी। टीम ने बताया कि इस युवक ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खास सदस्य है।


यह भी पढ़ें : गोंडा में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए खुशखबरी, अब नहीं चढ़ना पड़ेगा अस्पताल का थर्ड फ्लोर, न लगानी पड़ेगी लंबी लाइन



कोरोना लॉकडाउन में गई नौकरी तो बना लिया गैंग
2020 में कोरोना लॉकडाउन काल में सक्रिय हुए इस गैंग ने ओडिशा, गुजरात, कनार्टक, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल के बेरोजागारों को निशाना बनाया। माना जा रहा है कि इस गैंग ने 50 हजार से अधिक लोगों को ठगा होगा। पकड़ा गया जफर पेशे से सिविल इंजीनियर है। शुरुआती पूछताछ में उसने स्वीकारा कि इस गैंग में इंजीनियर शामिल हैं। यह लोग 50 से अधिक लोगों का अपना कॉल सेंटर चलाते हैं। जिन्हें 15 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाता था।


यह भी पढ़ें : ऐसा बांग्लादेशी घुसपैठिया जो कानपुर की लड़की से शादी कर खड़ा किया करोड़ों का एंपायर, पुलिस के लिए बना सिरदर्द



100 से अधिक बैंक खाते और 500 से अधिक मोबाइल प्रयोग
गैंग ने अब तक 1 हजार से अधिक सिम , 500 से अधिक मोबाइल, 100 से अधिक खच्चर बैंक खातों का प्रयोग किया है और यह उन खातों से जनसेवा केंद्र के जरिये रुपये निकालकर प्रयोग में लेते थे। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने स्वीकारा कि ओडिशा पुलिस टीम ने मदद मांगी थी।