
अलीगढ़. डिलीवरी के बाद नवजात की मौत होने पर अस्पताल प्रशासन की अमानवीयता का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची की मौत के बाद पैसे नहीं जमा कराने पर अस्पताल प्रशासन शव देने से मना कर दिया और उसे फ्रीजर में रखवा दिया। अगली सुबह जब परिजनों को नवजात का शव सौंपा गया तो वह लहूलुहान हालत में था। परिजनों का कहना है कि बच्ची के शरीर को चूहों ने कुतर डाला है। यह देख परिजनों हंगामा करते हुए शिकायत की। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक डिप्टी सीएमओ और थाना प्रभारी को जांच सौंपी है।
दरअसल, यह घटना 23 नवंबर की बताई जा रही है। अतरौली थाना क्षेत्र के पिलखुनी गांव के रहने वाले हेमंत कुमार ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी बहन सपना को 22 नवंबर को शाम चार बजे डिलीवरी के लिए कीर्ति हाॅस्पिटल में भर्ती करवाया था। जहां कुुछ देर बाद ही बहन की नॉर्मल डिलीवरी हुई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। करीब एक घंटे बाद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत बताते हुए उसे फ्रीजर में रखवा दिया। हेमंत का कहना है कि इसके बाद डॉक्टरों ने हॉस्पिटल का पूरा बिल जमाकर बहन और उसकी मृतक बच्ची को ले जाने की बात कही। अगली सुबह पूरा भुगतान करने के बाद बच्ची का शव सौंपा गया तो उसे देख परिजन हैरान रह गए। परिजनों ने बताया कि बच्ची का चेहरा और सिर क्षत-विक्षत था। देखने में ऐसा लग रहा था जैसे चूहे बच्ची के शरीर को कुतर गए हों।
पीड़ित हेमंत ने हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए हॉस्पिटल के खिलाफ पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की है। इस मामले में एसडीएम अतरौली पंकज कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। डिप्टी सीएमओ और थाना प्रभारी मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
Published on:
26 Nov 2020 05:08 pm
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