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1 ग्रुप ने बचाई 800 लोगों की जिदंगी, आप भी शुरू करें ऐसी पहल

मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के पेटलावद नगर में दस लोगों ने मिलकर एक गु्रप बनाया, इस ग्रुप ने जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे सैंकड़ों लोगों की जान बचाई है.

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1 ग्रुप ने बचाई 800 लोगों की जिदंगी, आप शुरू करें ऐसी पहल

1 ग्रुप ने बचाई 800 लोगों की जिदंगी, आप शुरू करें ऐसी पहल

अलीराजपुर/पेटलावद. मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के पेटलावद नगर में दस लोगों ने मिलकर एक गु्रप बनाया, इस ग्रुप ने जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे सैंकड़ों लोगों की जान बचाई है, आप भी इस ग्रुप का हिस्सा बनकर लोगों की जान बचाने का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं, मौका लगने पर इस ग्रुप के सदस्यों से सम्पर्क कर लोगों की भी जान बचा सकते हैं, वहीं आप भी इस कार्य में हाथ बटा सकते हैं।

युवा वर्ग के साथ बच्चे भी रक्तदान को महादान मानकर आगे आ रहे हैं एवं रक्तदान कर लोगों की जान बचाने का प्रयास कर रहे हैं। रक्तदान जीवनदान है, हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी का जीवन बचा सकता है। इसी को ध्यान में रखबर शहर के युवा अब अनजानों का जीवन बचाने के मानवीय प्रयास में जुट गए हैं। वे नियमित रूप से रक्तदान करते हैं। यही नहीं कम उम्र की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को समझ चुके ये युवा अपने संगी-साथियों को भी रक्तदान के प्रति जागरूक बना रहे हैं। पेटलावद शहर के युवाओं द्वारा आजाद ब्लड ग्रुप बनया गया है। इन्होंने 16 राज्यों में लोगों को प्रेरित कर रक्त दान करवाकर जिदंगी बचाई है।

700 सदस्य जुड़े हैं आजाद ब्लड ग्रुप में

ग्रुप के सक्रिय सदस्य अनुज धानुक ने बताया कि वर्ष 2018 में समाज सेवा के लिए ग्रुप बनाया था। आजाद ब्लड ग्रुप की पांच साथियों ने शुरुआत की थी। राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र के लोग भी ग्रुप से जुड़े है और बाकी राज्यों में सोशल मीडिया के द्वारा रक्तदाता की व्यवस्था करवाते हैं। जब लोगों में जागरूकता बढ़ी, तो 700 सदस्य इसके हिस्सा बन गए जो बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद के लिए अग्रणी रहते हैं। इस ग्रुप को 10 लोगों की टीम मिलकर चलाती है।

ये बोले रक्तदाता

अपना पहला रक्तदान करने वाले गौतम गेहलोत का कहना है कि उन्हें सेवा करना अच्छा लगता है और इसी वजह से आजाद ब्लड ग्रुप से प्रभावित होकर मंैने भी रक्तदान की शुरुआत की। मेरी अपील है कि रक्तदान के लिए आगे आएं। ग्राम रूपगढ़ के युवा राजेंद्र काग ने पिछले दिनों अपने जीवनकाल का दूसरा रक्तदान पूर्ण किया। उनका कहना है कि वे उस खुशी को महसूस करना चाहते हैं, जब उनकी वजह से किसी और के चेहरे पर मुस्कान आती है।

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रक्तदान में युवाओं का बढ़ा योगदान

आजाद ब्लड ग्रुप आज अंचल के साथ-साथ 16 राज्यों में लोगों को ब्लड डोनेट कर उनकी जान की रक्षा कर रहा है। आजाद ब्लड ग्रुप ने अब एक और मुकाम हासिल कर लिया है, ग्रुप का 806 वां रक्तदान को पूर्ण कर लिया है। खून के अभाव में किसी का जीवन चला जाना एक परिवार को पूरी तरह तोड़ कर रख देता है। चंद लोगों ने जब करीब से इस त्रासदी को अनुभूत किया तो उनके अंदर की मानवता ने आवाज दी और उन्होंने रक्तदान को ही अपने जीवन का मकसद बना लिया।

आजाद ब्लड ग्रुप वाट्सऐप पर सक्रिय

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आजाद ब्लड ग्रुप वाट्सऐप पर सक्रिय है। तीन ग्रुपों में अलग- अलग जगह के युवा साथी और अन्य लोग जुड़े हैं। वहीं 40 से अधिक ऐसे लोग हैं, जो एंड्रॉयड मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते है। ब्लड की डिमांड आने पर एक वेरीफिकेशन कराया जाता है जिसमें मरीज का नाम, बीमारी, ब्लड ग्रुप, हॉस्पिटल का नाम जहां मरीज एडमिट है और पेशेंट के साथ अटेंडर का नाम। सदस्य वेरीफिकेशन के बाद पहुंच जाते हैं। संस्था के सदस्यों के नंबर चिकित्सकों के पास उपलब्ध हैं।