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हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद लाखों लोग हो रहे बेरोजगार, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

-किसी ने बैंक से लोन तो कोई खेत बेंच कर शुरू किया था व्यवसाय -हाइकोर्ट के एक आदेश के बाद लाखों लोग हो रहे बेरोजगार -डीजे संचालकों ने कहा सरकार मदद करे,लाखो घरों का सहारा है डीजे का व्यापार
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प्रयागराज

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Prasoon Kumar Pandey

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Updated: 3 Sep 2019, 6:00 PM IST

Dj owner demand help from cm and pm after High court order

हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद लाखों लोग हो रहे बेरोजगार, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद डीजे पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर प्रशासन की सख्ती को देखते हुए जिले भर के डीजे संचालक परेशान है। जिसके चलते डीजे वेलफेयर एसोसिएशन के आवाह्न पर आज जिला कचहरी में डीजे संचालक सहित उनके साथ काम करने वाले बड़ी संख्या में जिलाधिकारी कार्यलय पहुंच कर प्रदर्शन किया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की अपील की। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शहर में होने वाले दशहरा, दुर्गा पूजा, मुहर्रम सहित किसी भी धार्मिक आयोजन और जुलूस के साथ ही शादी और ब्याह सहित अन्य समारोहों में भी किसी प्रकार का साउंड सिस्टम प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रशासन पूरी तरह सख्ती के मूड में है जिससे डीजे संचालक परेशान है।

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बता दें कि बीते दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि सार्वजनिक कार्यक्रमों और समारोह में डीजे प्रतिबंधित रहेगा। जिसे बजाने वालों पर 5 साल की सजा और एक लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। जिसके बाद से तमाम समारोह के लिए डीजे बुकिंग कराने वाले लोग डीजे संचालकों के यहां पहुंच रहे हैं और अपना एडवांस दिया गया पैसा वापस मांग रहे। जिसको लेकर संचालक परेशान है। डीजे संचालकों ने आज जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर जिला अधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार हस्तक्षेप करें । डीजे संचालकों का कहना है कि उनके साथ कई लाख लोग इस रोजगार से जुड़े है। जो बेरोजगार हो रहे हैं उनकी जीवन यापन के लिए सरकार उनकी मदद करें।

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डीजे संचालकों का कहना है कि शादी और तमाम समारोह के लिए उनके पास एडवांस बुकिंग थी। जिसको वापस लेने के लिए उनके यहां रोज लोगों की भीड़ इकट्ठी हो रही है। जिससे वह परेशान हो चुके है। संचालकों का कहना है वह पैसे वापस नहीं कर सकते। उन्होंने अपने यहां काम करने वाले लोगों को पैसे दे दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए नियम के हिसाब से उन्हें रात 10 बजे तक डीजे बजाने की अनुमति दी जाए। डीजे संचालकों का कहना है कि डीजे बनवाने के लिए बहुत से लोगों ने बैंक से लोन लिया है खेत बेचे हैं उधार पैसे लेकर अपना रोजगार शुरू किया है । बैंक अपने पैसे की वसूली के लिए लगातार दबाव बना रही है । जिन लोगों से उधार पैसा लोगों ने लिया है वह भी हर दिन घर पहुंच कर पैसे मांग रहे हैं ।ऐसे में यह बड़ी मुसीबत की तरह है सरकार को आम लोगों की तरफ देखना चाहिए और न्यायालय के इस निर्णय पर हस्तक्षेप करना चाहिए । हमारे लिए समय तय किया जाए लेकिन हमारे रोजगार को प्रबंध ना किया जाए इस रोजगार की वजह से लाखों घरों में चूल्हे जलते हैं।

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