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इलाहाबाद हाईकोर्ट: आजम खान के करीबियों के मामले में सुनवाई 25 को, जाने मामला

मामला जौहर अली विश्वविद्यालय ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। सरकार ने आजम खान के साथ उनके बेटे अदीब आजम सहित ट्रस्ट और विश्वविद्यालय के प्रबंध तंत्र से जुड़े लोगों को अलग-अलग मामलाें में आरोपी बनाया है। मामले में याचियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल कर रखी है। कोर्ट में याची के अधिवक्ता की ओर से मामले की सुनवाई के लिए किसी और दिन निर्धारित करने की मांग की गई।
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प्रयागराज

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Sumit Yadav

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Updated: 21 May 2022, 7:24 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट: आजम खान के करीबियों के मामले में सुनवाई 25 को, जाने मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट: आजम खान के करीबियों के मामले में सुनवाई 25 को, जाने मामला

प्रयागराज: जौहर अली विश्वविद्यालय ट्रस्ट से जुड़े करीब 55 से अधिक मामले में आरोपी बनाए गए आजम खान के बेटे सहित उनके अन्य करीबियों के मामले में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले में पहले से पारित अंतरिम आदेशों को अगली सुनवाई तक बरकरार रखते हुए सुनवाई के लिए 25 मई की तिथि लगाई है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता की पीठ ने जकीउररहमान सिद्दकी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

मामला जौहर अली विश्वविद्यालय ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है। सरकार ने आजम खान के साथ उनके बेटे अदीब आजम सहित ट्रस्ट और विश्वविद्यालय के प्रबंध तंत्र से जुड़े लोगों को अलग-अलग मामलाें में आरोपी बनाया है। मामले में याचियों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों को रद्द करने के लिए याचिका दाखिल कर रखी है। कोर्ट में याची के अधिवक्ता की ओर से मामले की सुनवाई के लिए किसी और दिन निर्धारित करने की मांग की गई। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि बढ़ा दी।

यह भी पढ़ें: किशोरावस्था में किए गए अपराध के आधार पर नियुक्ति से इंकार करना गलत: इलाहाबाद हाईकोर्ट
कोर्ट ने कहा कि किसी भी बच्चे के सभी पिछले रिकॉर्ड विशेष परिस्थितियों में मिटा दिए जाने चाहिए। ताकि ऐसे व्यक्ति द्वारा किशोर के रूप में किए गए किसी भी अपराध के संबंध में कोई कलंक न रह जाए। क्योंकि, किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य है कि किशोर को समाज में एक सामान्य व्यक्ति के रूप में वापस स्थापित किया जा सके। कोर्ट ने कहा कि किसी भी बच्चे के सभी पिछले रिकॉर्ड विशेष परिस्थितियों में मिटा दिए जाने चाहिए।

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