
प्रयागराज माघ मेला 2022: श्रद्धालु स्वच्छ जल में लगाएंगे आस्था की डुबकी, गंगा-यमुना में नहीं गिरेगा नालों का पानी, इस तकनीक से साफ होगी संगम
प्रयागराज: जनवरी माह से लगने वाले सबसे बड़े धार्मिक अयोजग माघ मेले में श्रद्धालुओं और कल्पवसियों के लिए सुगम बनाने व नदियों के पानी को स्वच्छ रखने के टीम बना दी गई है। मंडलायुक्त संजय गोयल की अध्यक्षता में गुरुवार को कार्यालय स्थित गांधी सभागार में प्रयागराज के नालों में विभिन्न तकनीकों से किए जा रहे शोधन के संबंध में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिसमें शोधन के पश्चात नदियों में छोड़े जा रहे पानी को और साफ बनाने हेतु किस तरह के अतिरिक्त तकनीकी हस्तक्षेप किए जा सकते हैं इस पर विस्तार से चर्चा की गई।
नालों साफ करने का अपनाएं बेहतर तरीका
मंडलायुक्त ने जल निगम के अधिकारियों को सभी 60 नालों में विभिन्न प्रकार के शोधन से साफ किए जा रहे पानी की रेंडम सैंपलिंग कराते हुए उनमें किस तरह के अतिरिक्त तकनीकी हस्तक्षेप से पानी को और बेहतर बनाया जा सकता है इस पर 2 दिन के अंदर उनके समक्ष आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस आख्या में किस तरह के अतिरिक्त रिमेडियेशन की आवश्यकता किन किन स्थानों पर है उसकी विस्तृत जानकारी उन स्थानों के लाटीट्यूड-लोंगिट्यूड के साथ मांगी गई है।
लोगों को करें जागरूक
इसी क्रम में नालों के पास बसे लोगों को नालों में कूड़ा डालने से रोकने के दृष्टिगत उनमें जागरूकता फैलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस कार्य हेतु नगर आयुक्त रवि रंजन को एनजीओ के माध्यम से लोगों में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। साथ ही जो भी कार्यदाई संस्थाएं नालों के शोधन के कार्य से जुड़ी हुई हैं उनका दिसंबर माह तक के बकाए का भुगतान शीघ्र करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नालों का पानी नदियों में जाने से रोके
नालों के पानी की सेपलिंग कर गंदे पानी को नदियों में जाने से रोकने के दृष्टिगत पिछले दिनों बनाई गई प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, नगर निगम एवं गंगा प्रदूषण की संयुक्त टीम को विभिन्न स्थानों पर हफ्ते में दो बार की जा रही सेंपलिंग को बढ़ाकर अल्टरनेट डेज़ पर करने तथा उसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त एवं मेला अधिकारी के साथ-साथ नगर आयुक्त को भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
Published on:
6 Jan 2022, 7:01 PM IST
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