लॉक डाउन के बाद से अलवर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अधिक बेरोजगारी है। इन क्षेत्रों में ग्रामीण युवा कुछ माह ही काम करते हैं, कुछ युवा साल भर बेरोजगार रहते हैं। अलवर के युवाओं को स्थानीय उद्योगों में भी कम रोजगार दिया जाता है। अलवर जिले के युवाओं को अन्य राज्यों में जाकर मजदूरी करना मजबूरी है।