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बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, शराब की दुकान खुलने को अभी असमंजस

अलवर. जिला कलक्टर की ओर से 30 जुलाई से दो सप्ताह के लिए अलवर के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में लॉक डाउन लगाने के आदेश जारी करने के बाद केन्द्रीय बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन की स्थिति तथा लॉक डाउन क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने को असमंजस बना हुआ है।
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अलवर

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Prem Pathak

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Updated: 28 Jul 2020, 11:48 PM IST

बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, शराब की दुकान खुलने को अभी असमंजस

बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, शराब की दुकान खुलने को अभी असमंजस

अलवर. जिला कलक्टर की ओर से 30 जुलाई से दो सप्ताह के लिए अलवर के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में लॉक डाउन लगाने के आदेश जारी करने के बाद केन्द्रीय बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन की स्थिति तथा लॉक डाउन क्षेत्र में शराब की दुकान खुलने को असमंजस बना हुआ है।

जिला कलक्टर की ओर से जारी आदेश में वाणिज्यिक संस्थान, दुकानें, बाजार व अन्य सभी प्रतिबंधों व इस दौरान दी जाने वाली रियायतों का खुलासा किया गया है, लेकिन शहर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित केन्द्रीय बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन पर लोगों के आने-जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। वहीं लॉक डाउन क्षेत्र में शराब की दुकानें खुलने या बंद रहने को लेकर भी स्पष्ट नहीं किया गया है। इस कारण लोगों में रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड पर आने-जाने को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी है। लॉक डाउन में प्रशासन ने वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, दुकानें नहीं खोलने के आदेश दिए हैं, लेकिन इस दौरान शराब दुकानें बंद रहेगी या नहीं, इस बारे में अलग से आदेश नहीं दिए गए हैं। पिछले दिनों अलवर शहर में बाजार बंद करने के निर्णय के तहत पूरा बाजार बंद रहा था, लेकिन शराब की दुकानें खुली रही थी। शराब की दुकानें खुलने का कारण राज्य सरकार की ओर से इस सम्बन्ध में अलग से आदेश जारी नहीं होना बताया गया था।

ठेली पटरी वालों को नुकसान

लॉक डाउन के आदेश का थोक व बड़े व्यापारियों पर उतना असर नहीं होगा, जितना पटरी व्यवसायियों को नुकसान की आशंका है। कारण है कि रक्षा बंधन त्योहर को लेकर बड़ी संख्या में लोग पटरी पर राखियों को बेचने का कार्य करते हैं। ये पटरी व्यवसायी राखी के थोक व्यापारियों से राखी खरीद चुके। इन पटरी व्यवसायियों की बिक्री का समय रक्षा बंधन से पूर्व तीन-चार दिन रहता है। इस बार अचानक लॉक डाउन लगने से कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बाजारों में पटरी पर राखी व अन्य व्यवसाय नहीं कर पाएंगे। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। जबकि थोक व्यापारी राखी का ज्यादातर स्टॉक खाली कर चुके हैं, इस कारण लॉक डाउन की उन पर उतनी मार नहीं पड़ेगी। इसी तरह मिठाई विक्रेताओं ने भी राखी त्योहार को देखते हुए मिठाइयों का स्टॉक कर लिया, लेकिन लॉक डाउन में मिठाई नहीं बिक पाने से नुकसान की आशंका है।

दिन में कहते रहे नहीं लगेगा लॉक डाउन, शाम को आदेश जारी कर दिए

प्रशासन से कई बार इस बारे में बात हुई थी। व्यापारियों ने पूरे शहर या जिले में लॉक डाउन लगाने की बात कही थी। व्यापारियों ने अकेले कोतवाली थाना क्षेत्र में लॉक डाउन का विरोध किया था। प्रशासन के अधिकारी दिन में राखियों के बाद लॉक डाउन के बारे में सोचने की बात कहते रहे और शाम को आदेश जारी कर दिए। लॉक डाउन में रक्षा बंधन पर गरीब व्यक्ति अपना माल कहां बेचेगा, इसका कोई जवाब देने वाला नहीं है। लॉक डाउन आधे शहर में लगाने से कोरोना कम होने की बजाए बढऩे की आशंका है।

-रमेश जुनेजा, अध्यक्ष, जिला व्यापार महासंघ, अलवर।

व्यापारियों ने किया विरोध-

लॉक डाउन में व्यापारियों के हितों का ध्यान नहीं रखा गया है । व्यापारी महासंघ इस लॉक डाउन का विरोध करता है तथा प्रशासन से आग्रह करता है कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करें, जिससे व्यापार सुचारू संचालित किया जा सके। व्यापारी पहले ही 4 महीने से कोरोना महामारी की परेशानियों से गुजर रहे हैं। ऐसे में लॉकडाउन करना उन पर अतिरिक्त भार डालने के समान है।

-राजकुमार गोयल, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार महासंघ, अलवर