अलवर. शहर में लॉक डाउन ने गरीबों के मुंह से सरकारी निवाला तक छीना हुआ है। शहर की उचित मूल्य राशन की दुकानों पर इस माह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं का वितरण शुरू नहीं हो पाया है। पात्र उपभोक्ता गेहूं के लिए रोजाना राशन डीलरों के यहां चक्कर काट रहे हैं।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केन्द्र सरकार ने नवम्बर माह तक खाद्य सुरक्षा लाभार्थी परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नि:शुल्क गेहूं और चना वितरण की घोषणा की है। जिसके तहत हर माह खाद्य सुरक्षा राशनकार्डधारी परिवार को प्रति यूनिट 5-5 किलो गेहूं और प्रति राशनकार्ड एक किलो चना दिया जाना है। जुलाई माह में योजना के तहत अलवर जिले के सवा छह लाख से ज्यादा खाद्य सुरक्षा योजना के लाभार्थी परिवारों के लिए 12 हजार 183 मीट्रिक टन गेहूं का वितरण किया गया। जिला प्रशासन ने 30 जुलाई से शहर कोतवाली एरिया में 14 दिन का लॉक डाउन लगा दिया। जिसके कारण लॉक डाउन एरिया में आने वाली उचित मूल्य राशन की 42 दुकानों पर गेहूं नहीं पहुंच पाया। शहर की अन्य राशन की दुकानों पर गेहूं पहुंच गया है, लेकिन वहां भी वितरण अभी शुरू नहीं हो पाया है।