मंदिर के महंत जितेंद्र खेड़ापति ने बताया कि 20 नवंबर को जिला कलक्टर अलवर को मंदिर दर्शनों के लिए खोले जाने के संदर्भ में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिस पर जिला प्रशासन की ओर से किसी प्रकार का मार्गदर्शन प्राप्त होता। उससे पूर्व राज्य सरकार ने अलवर शहर में कोराना के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए धारा 144 व रात्रि 8 बजे से कफ्र्यू लगाए जाने का आदेश दिया गया। जिस पर मंदिर प्रन्यास ने वर्तमान स्थिति को मद्देनजर रखते हुए वर्तमान में अलवर शहर में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए धार्मिक स्थलों के लिए प्रतिबंध जैसे जल चढ़ाना, घंटी बजाना, प्रसाद, पवित्र जल छिडक़ाव आदि पर 3 दिसंबर तक आमजन प्रवेश पर पूर्व की भांति प्रतिबंध जारी रहेगा।