
अनुज (फोटो - पत्रिका)
प्रतिभा कभी परिचय की मोहताज नहीं होती। यदि हौसलों में उड़ान हो, तो विपरीत परिस्थितियां भी रास्ता छोड़ देती हैं। इस बात को गुजुकी गांव के तीरंदाज अनुज कुमार ने सच साबित कर दिखाया है। अनुज का चयन यूथ एशियन आर्चरी चैंपियनशिप के लिए हुआ है। वे दिसंबर 2026 में दुबई में होने वाली चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे। इसके लिए वे अलवर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। इस चैंपियनशिप के लिए अनुज के अलावा दो और खिलाडि़यों का चयन हुआ है, जिसमें एक खिलाड़ी दिल्ली से है और दूसरा महाराष्ट्र से।
अनुज की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। बचपन में अनुज को लीवर से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिस कारण शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा था। ऐसे समय में अनुज के पिता राकेश कुमार ने बेटे को खेलों से जोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने तीरंदाजी को इसलिए चुना, क्योंकि यह खेल शारीरिक विकास के साथ-साथ एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है।
यही निर्णय आगे चलकर अनुज के जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। साधारण परिवार से आने वाले अनुज पिछले कई वर्षों से अलवर के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कोच विनोद सैनी के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया।
अनुज की इस उपलब्धि के पीछे उनके पिता राकेश कुमार का संघर्ष और त्याग छिपा है। सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी संसाधनों की कमी को बेटे के सपनों के आड़े नहीं आने दिया। तीरंदाजी जैसे महंगे खेल में उपयोग होने वाले उपकरणों की महंगी कीमत चुकाना उनके लिए संभव नहीं था।
ऐसे समय में कोच विनोद सैनी ने सहयोग कर अनुज की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिता के संघर्ष को अनुज ने अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बनाया और लगातार मेहनत करते हुए भारतीय तीरंदाजी टीम में स्थान हासिल किया। परिवार को विश्वास है कि अनुज भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत का नाम रोशन करेगा।
Updated on:
29 Aug 2026 11:27 am
Published on:
29 Aug 2026 11:27 am
