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चीन से घटी कड़वाहट तो बढ़ी अलवर में उद्योगों की रफ्तार

भारत की चीन से कड़वाहट कम होने पर अलवर जिले के उद्योगों को जीवनदान मिला है। यहां के सैकड़ों उद्योगों को इससे राहत मिली है और इससे औद्योगिक विकास तेज हुआ है। भारत -चीन सीमा पर हुए विवाद के चलते भारत और चीन के मध्य 6 माह तक आपसी रिश्तों में कड़वाहट रही जिसका खामियाजा अलवर के उद्योगों को भी देखना पड़ा। अब यहां के उद्योगों को जीवनदान मिला है।
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अलवर

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Dharmendra Adlakha

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Updated: 27 Nov 2020, 9:47 AM IST

चीन से घटी कड़वाहट तो बढ़ी अलवर में उद्योगों की रफ्तार

चीन से घटी कड़वाहट तो बढ़ी अलवर में उद्योगों की रफ्तार

भारत की चीन से कड़वाहट कम होने पर अलवर जिले के उद्योगों को जीवनदान मिला है। यहां के सैकड़ों उद्योगों को इससे राहत मिली है और इससे औद्योगिक विकास तेज हुआ है। भारत -चीन सीमा पर हुए विवाद के चलते भारत और चीन के मध्य 6 माह तक आपसी रिश्तों में कड़वाहट रही जिसका खामियाजा अलवर के उद्योगों को भी देखना पड़ा। अब यहां के उद्योगों को जीवनदान मिला है।

भारत-चीन के मध्य हुए सम्बन्धों में आई तल्खी से अलवर के 15 उद्योगों का तो काम ही बीच में ही रुक गया जिनमें चीनी निर्मित मशीन आ रही थी। इनमें कई उद्योगों में तो आधी मशीन पहले ही आ गई थी, जिनके आयात पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था। इसके चलते यह फैक्ट्री शुरू ही नहीं हो पाई। ऐसे में कोरिया व जापान सहित अन्य देशों से मशीन लाने की तैयारी की गई जो इतनी सस्ती वहां नहीं मिल रही थी। अब नीमराणा क्षेत्र में अधूरे पड़े 8 उद्योग चीन से मशीन आने के कारण शुरू हो गए हैं। इनमें दवा कम्पनी, गन्ने के छिलके को रिसाइक्लींग करना सहित कई इलेक्ट्रोनिक्स आइटमों की थी।

यह उद्योग हैं चीन पर अब भी निर्भर-

अलवर जिले में काफी संख्या में ऐसे उद्योगों की संख्या एक हजार से अधिक है जिनमें 50 इकाइयां तो निर्यातक इकाइयां हैं जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से चीन पर ही निर्भर हैं। अलवर जिले के टपूकड़ा में एकीकृत औद्योगिक पार्क तथा नीमराणा में निर्यात संवर्धन पार्क में ही चीन के साथ सम्बन्ध बिगडऩे पर यहां माल की कम आने लगा था।

अलवर जिले में पांच बड़ी इलेक्ट्रोनिक्स आइटम, 23 दवा कम्पनियों सहित काफी संख्या में ऑटो पार्टस बनाने वाले उ्रो हैं जिनका सीधा सम्बन्ध चीन से है। कई कम्पनियों में चीन से कच्चा माल आता है जिसका दूसरे देश के साथ विकल्प को तैयार नही किया गया है। ऐसे में ये कई वर्षों से चीन से माल मंगलवाकर उत्पादन कर रहे हैं। अलवर जिले में करीब 100 उद्योग चीन के साथ सम्बन्धों से तो सीधा प्रभावित हुए हैं जिनमें चीन के साथ सम्बन्ध सुधरने पर ही उत्पादन तेज हुआ है। इसी प्रकार एक हजार ससे अधिक उद्योग चीन के कारण अप्रत्यक्ष रूप से सीधे जुड़े हैं।

यह कहते हैं उद्योगपति-

चीन के कारण उद्योगों पर असर-

नीमराणा क्षेत्र में ही करीब एक दर्जन उद्योग ऐसे थे जिनका काम बीच में ही रुक गया था। अब वहां से मशीनें आने लगी हैं। अभी चीन का विकल्प हमारे पास नहीं है जिसके चलते हमारे उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। अब अलवर जिले के उद्योगों को राहत मिली है।

-कृष्ण गोपाल कौशिक, महासचिव, नीमराणा औद्योगिक एसोसिएशन।

हमारा काम रूक गया था-

हमारी फैक्ट्री की आधी मशीन तो चीन से आ गई और दूसरी आने वाली थी कि चीन से सम्बन्ध खराब हो गए। अब कई माह बाद अन्य मशीनें आने के बाद ही हमारा उद्योग प्रारम्भ हो सका है।

-अनिल शर्मा, उत्पादक इकाई, नीमराणा, अलवर।

फैक्ट फाइल-

अलवर जिले में कुल उद्योग- 6 हजार

चीन से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष प्रभावित इकाइयां- 550

निर्यातक इकाइयां- 55