
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो- पत्रिका नेटवर्क
अलवर। देश में कोरोना फिर से पैर पसार रहा है। राजस्थान में भी तीन बच्चों सहित 7 मरीज कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इसमें एम्स जोधपुर में चार मरीज कोविड पॉजीटिव मिलने की सूचना है। मगर जिला अस्पताल प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। अगर यहां कोई कोरोना का मरीज आया तो भी उसकी जांच नहीं हो सकेगी। कारण-अलवर के जिला अस्पताल में कोरोना की जांच किट ही उपलब्ध नहीं है।
कोरोना जब न के बराबर रह गया, तभी से अस्पताल प्रशासन निश्चिंत होकर बैठ गया था कि अब कोरोना वापस नहीं आएगा, लेकिन पिछले दिनों से जिस तरह मामले सामने आ रहे हैं, उस वजह से स्वास्थ्य विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मगर अस्पताल प्रशासन की बेरुखी मरीजों पर भारी पड़ सकती है।
सामान्य अस्पताल की कोरोना ओपीडी भी करीब एक साल से बंद पड़ी है। कोरोना की दूसरी वेव के दौरान इमरती देवी धर्मशाला में कोरोना ओपीडी का संचालन किया गया था। बाद में सामान्य अस्पताल परिसर में बने पेंशनर कॉटेज वार्ड भवन में कोविड ओपीडी और आरटीपीसीआर सैंम्पलिंग केन्द्र बनाया गया। जो करीब एक साल से बंद पड़ा है, जबकि कोविड लैब अलग से अट्टा मंदिर के समीप संचालित है।
यहां जांच मशीन और स्टाफ तो उपलब्ध है, लेकिन जांच किट नहीं होने से मरीजों के सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूरे प्रदेश में ही कोरोना की जांच किट उपलब्ध नहीं है। वहीं, जिला अस्पताल में अभी कुछ ही दिन पहले पीपीई किट भी कचरे के ढेर में पड़ी मिली थी। दिल्ली और हरियाणा सहित कई राज्यों ने कोरोना को लेकर एडवाइजरी जारी की है। आपको बता दें कि अलवर जिला दिल्ली के सबसे नजदीकी जिलों में से एक है।
Published on:
25 May 2025 03:13 pm
