बीटी नरमे से उत्पादन में मिला फायदा:
पूर्व में किसान देशी और अमेरिकन कपास की खेती करता था, लेकिन उसमें कीटों के प्रकोप के कारण फसलों को नुकसान हो जाता था। नुकसान से बचने के लिए बड़ी कृषि कम्पनियों ने बीटी कॉटन ट्रांसजैनिक रूप से तैयार की, जिसमें रोग प्रतिरोधकता थोड़ी ज्यादा है, जिससे कीटों का प्रकोप न होने से किसानों का उत्पादन बढ़ा। ऐसे में किसान बीटी नरमे को तवज्जो दे रहे है। कृषि सांख्यिकी विभाग के एडी डॉ. अरविंद का कहना है कि पिछले दो दशक में मेवात के किसानों में नरमे की फसल को लेकर क्रेज बढा है।