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20 वर्षों से दिन-रात हनुमान जी को सुना रहे हैं लगातार रामचरित मानस पाठ

तपोभूमि अलवर में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां 20 वर्षों से हनुमान जी को लगातार रामचरित मानस पाठ सुना रहे हैं। यहां सर्दी, गर्मी, बरसात हो या कैसी भी परिस्थितियां हो, कभी भी रामचरित मानस के पाठ बंद नहीं हुए। इस भव्यता को देखने व जानने देश के विभिन्न भागों से यहां श्रद्धालु आते हैं। पहाड़ों की वादियों में स्थित नया भूरा सिद्ध में हर मंगलवार को लोग परिवार सहित हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं।
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अलवर

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Dharmendra Adlakha

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Updated: 23 Jul 2020, 9:13 AM IST

20 वर्षों से दिन-रात हनुमान जी को सुना रहे हैं लगातार रामचरित मानस पाठ

20 वर्षों से दिन-रात हनुमान जी को सुना रहे हैं लगातार रामचरित मानस पाठ

तपोभूमि अलवर में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां 20 वर्षों से हनुमान जी को लगातार रामचरित मानस पाठ सुना रहे हैं। यहां सर्दी, गर्मी, बरसात हो या कैसी भी परिस्थितियां हो, कभी भी रामचरित मानस के पाठ बंद नहीं हुए। इस भव्यता को देखने व जानने देश के विभिन्न भागों से यहां श्रद्धालु आते हैं। पहाड़ों की वादियों में स्थित नया भूरा सिद्ध में हर मंगलवार को लोग परिवार सहित हनुमान जी को प्रसाद चढ़ाने के लिए आते हैं। यहां नौ ग्रहों के मंदिर और भगवान श्रीराम का दरबार यहां के वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक व सकारात्मक बनाते हैं। यहां अब भव्य मां दुर्गा का मंदिर बन रहा है। यहां मन्नत पूरी होने पर लोग सवामणी करते हैं।


रामचरित मानस का लगातार पाठ आकर्षण-


भूरा सिद्ध स्थित हनुमान जी की बड़ी प्रतिमा के दर्शन करने सभी अलवर वासी तो जाते ही हैं और बाहर से भी श्रद्धालु आते हैं। कई दशकों तक तो यहां रिजल्ट आने पर विद्यार्थियों का प्रसाद चढ़ाने के लिए मेला जैसा लग जाता था। सबसे बड़ी अनोखी विशेषता के लिए इसे पूरे देश में जाना जाता है कि यहां हनुमान जी की प्रतिमा के सामने 20 वर्षों से लगातार रामचरित मानस का पाठ किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 16 जुलाई सन् 2000 में तत्कालीन महंत श्याम दास जी ने की। तब से अब तक यहां हमेशा ही रामचरित मानस के पाठ बिना किसी विघ्न के चलते रहते हैं। दिन हो या रात कोई भी मौसम हो, इसमें भी यह पाठ चलता है। यहां के साधू- संत और श्रद्धालु बारी-बारी से पाठ करते हैं। बहुत से ऐसे श्रद्धालु हैं जो 20 वर्षो से लगातार प्रतिदिन अपनी निर्धारित ड्यूटी पर जाकर रामचरित मानस का पाठ कर रहे हैं।


युवाओं को भी देता है सुकून-


कई लोगों को इसमें इतना आनंद आता है कि वे कहीं भी रहे, लेकिन वे यहां पाठ करने तो जरूर पहुंच जाते हैं। श्रद्धालुओं ने आपस में ड्यूटी लगा रखी है, जो अपने निर्धारित समय पर पहुंच कर प्रभु श्री राम की महिमा का गुणगान करते हुए अपने आपको धन्य महसूस करते हैं। यहां रामचरित मानस की स्वर लहरी वातावरण में गूंजती रहती है। कई श्रद्धालु यहां इसका पाठ सुनने के लिए आते हैं। इन दिनों लॉक डाउन के चलते मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद है लेकिन रामचरित मानस का पाठ अनवरत चल रहा है जो यहां के वातावरण को ऊर्जामय बनाता है। इस समय यह पाठ महंत योगेश दास के निर्देशन में चल रहा है। इस मंदिर में रामचरित मानस का पाठ सुनने बुजुर्ग ही नहीं युवा वर्ग भी आता है जिसे यहां बैठकर संगीत की धुन पर रामचरित मानस की चौपाइयां सुनना सुकून देता है।