
बांदीकुई जा रही ट्रेन के दो पहिये पटरी से उतर गए (फोटो - पत्रिका)
ईदगाह आगरा से बांदीकुई की ओर जा रही मेमू ट्रेन मंगलवार को खेरली रेलवे स्टेशन से करीब साढ़े तीन किलोमीटर पहले फाटक संख्या 66 व 67 के बीच बेपटरी हो गई। ट्रेन की दूसरी बोगी के दो पहिये पटरी से नीचे उतर गए। तेज आवाज के साथ ट्रेन अचानक रुक गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
ट्रेन के गार्ड मनोज कुमार यादव के अनुसार, मेमू ट्रेन का आगरा से सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर संचालन शुरू हुआ था। खेरली से पहले बिजली के खंभा नंबर 96/8 के सामने ट्रेन की दूसरी बोगी संख्या 228236/C के दो पहिये पटरी से उतर गए। यात्रियों ने बताया कि सुबह करीब 11 बजकर 20 मिनट पर अचानक जोर का झटका लगा और तेज आवाज के साथ ट्रेन वहीं रुक गई। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे आरपीएफ के जवानों सहित रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ट्रेन चालक अमरनाथ चौबे से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं होने की बात कही।
मेमू ट्रेन के बेपटरी होने से भरतपुर-बांदीकुई रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। रेलवे प्रशासन की ओर से प्रभावित ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित करने की व्यवस्था की गई। 12548 गांधीधाम-आगरा छावनी सुपरफास्ट एक्सप्रेस को खेड़ली रेलवे स्टेशन से वापस बांदीकुई की ओर रवाना किया गया। इसके बाद ट्रेन को बांदीकुई से अलवर-मथुरा होकर आगरा भेजने की व्यवस्था की गई।
क्षेत्र में नदबई से खेरली तक रेलवे लाइन शिफ्टिंग का कार्य चल रहा है। इसी दौरान ट्रेन के पहिये बेपटरी होने की घटना सामने आई। हालांकि, हादसे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया।
दोपहर में तेज धूप के बीच ट्रेन में फंसे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे में रेलवे लाइन के पास स्थित मोती का नंगला गांव के ग्रामीण महेंद्र मीणा, गोपाल मीना और फूलसिंह मीना सहित अन्य ग्रामीण अपने घरों से पानी भरकर लाए और यात्रियों को पिलाया। कुछ देर बाद रेलवे प्रशासन की ओर से भी यात्रियों को पानी की बोतलें वितरित की गईं। ग्रामीणों की इस पहल से गर्मी के बीच यात्रियों को राहत मिली।
घटना के बाद करीब दोपहर एक बजे एंबुलेंस मौके पर पहुंची। हालांकि, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
ट्रेन में सफर कर रहे यात्री जगदीश ने बताया कि वह भरतपुर से बांदीकुई जा रहे थे। बांदीकुई से शाम चार बजे पोरबंदर जाने के लिए उनका आरक्षण था, लेकिन ट्रेन के बेपटरी होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, यात्री रोहताश सैनी भी भरतपुर से बांदीकुई की यात्रा कर रहे थे।
Updated on:
13 Oct 2026 02:27 pm
Published on:
13 Oct 2026 01:54 pm
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