नई शिक्षा नीति के तहत हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बनाया जाएगा जिसके तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थान आएंगी। इसी कमीशन के अधीनस्थ बीएड कॉलेज और सामान्य डिग्री कॉलेज संचालित होगे। 2 वर्षीय बीएड की डिग्री 2030 के बाद मान्य नहीं रहेगी। इसके चलते युवाओं का रुझान भी 2 वर्ष डिग्री की तरफ नहीं रहेगा । वर्तमान में भारत सरकार इन बीएड कॉलेज को बंद नहीं कर रही है। सरकार उन्हीं बीएड कॉलेजों को बंद करने की कोशिश है जिनमें एनसीटी के नियमानुसार के अनुसार सुविधाएं नहीं है। इनमें योग्य अध्यापक, भौतिक सुविधाएं और अध्यापकों को निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा ।
नई शिक्षा नीति के तहत बीएड की पढ़ाई अब सामान्य डिग्री कॉलेज में साथ-साथ विषयों को विद्यार्थी पढ़ते हुए पूरी करेंगे । नई शिक्षा नीति के अनुसार अब भारत में एकल बीएड कॉलेज कहीं भी संचालित नहीं होंगे। बीएड कॉलेज केवल सामान्य डिग्री कॉलेजों के साथ ही संचालित होंगे। इसमें विद्यार्थी को बीएड के विषयों के साथ-साथ दूसरे सामान्य विषयों की शिक्षा प्राप्त करने का भी मौका प्राप्त होगा। इससे प्रदेश के बीएड कॉलेजों पर अस्तित्व का संकट बरकरार है।