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आधा साल ही खुला सरिस्का, पर्यटक से दूर रहा बाघों का आकर्षण

अलवर. कोरोना आपदा का सरिस्का बाघ परियोजना पर भी बुरा असर पड़ा है।
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अलवर

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Prem Pathak

•

Updated: 21 Jun 2020, 11:55 PM IST

आधा साल ही खुला सरिस्का, पर्यटक से दूर रहा बाघों का आकर्षण

आधा साल ही खुला सरिस्का, पर्यटक से दूर रहा बाघों का आकर्षण

अलवर. कोरोना आपदा का सरिस्का बाघ परियोजना पर भी बुरा असर पड़ा है। संभवत: पहली बार सरिस्का बाघ परियोजना में पर्यटकों का प्रवेश करीब छह महीने बंद रहा हो, इसमें करीब तीन महीने कोरोना के चलते पार्क में पर्यटकों को प्रवेश बंद रहा, वहीं एक जुलाई से 30 सितम्बर तक मानसून के चलते पर्यटकों को पार्क में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। करीब आधा साल पार्क बंद रहने से सरकार व सरिस्का प्रशासन को राजस्व का बड़ा नुकसान होने के आसार हैं।

वर्ष 2020 में सरिस्का बाघ परियोजना में बाघों का कुनबा बढकऱ 20 तक पहुंच गया। इसमें भी बाघिन एसटी-12 के तीन शावक कोरोनाकाल में दिखाई दिए। वहीं बाघिन एसटी-10 का एक शावक भी कुछ ही महीने पहले कैमरा ट्रैप में नजर आया था। कोरोनाकाल बाघों की दृष्टि से सरिस्का के लिए राहत भरा रहा हो, लेकिन पर्यटकों की दृष्टि से यह नुकसानदेह ही रहा।

लॉकडाउन में पर्यटक नहीं पहुंचे

कोरोना संक्रमण के चलते गत 18 मार्च से 7 जून तक पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद रहा। इस कारण सरिस्का को करीब 50 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। इस दौरान पार्क में एक भी देशी-विदेशी पर्यटक को प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि अनलॉक-1 की शुरुआत में गत 8 जून से पार्क में पर्यटकों का प्रवेश फिर से खोला गया, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते पर्यटकों ने पार्क से दूरी बनाए रखी। तभी तो 8 जून से 20 जून तक सरिस्का गेट, टहला गेट एवं प्रतापबंध गेट से मुश्किल से 43 पर्यटकों ने सफारी के लिए प्रवेश लिया।

अब एक जुलाई से तीन महीने के लिए पार्क रहेगा बंद

मानूसन के चलते आगामी एक जुलाई से 30 सितम्बर तक सरिस्का पार्क में पर्यटकों का प्रवेश फिर से बंद रहेगा। यह समय वन्यजीवों की ब्रीडिंग का श्रेष्ठ समय माना गया है। इस दौरान जंगल में मानवीय गतिविधियों को रोकने के लिए हर साल एक जुलाई से तीन महीेने के लिए पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद रखा जाता है। सरिस्का प्रशासन को फिलहाल 30 जून तक ही पार्क में पर्यटकों को प्रवेश देने तथा एक जुलाई से पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद करने के निर्देश मिले हैं।

बाघों के बढऩे से पर्यटकों के आने की थी उम्मीद

सरिस्का में गत तीन-चार महीनों में बाघों के कुनबे में चार की वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में सरिस्का में बाघों का कुनबा बढकऱ 20 तक पहुंच गया। सरिस्का में नए शावकों के जन्म लेने से उम्मीद थी कि यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन पहले कोरोना की मार और अब मानसून के चलते सरिस्का प्रशासन की यह उम्मीद पूरी नहीं हो पाई है।

एक जुलाई से पार्क में पर्यटकों का प्रवेश बंद

फिलहाल मानसून के दौरान एक जुलाई से आगामी 30 सितम्बर तक सरिस्का में पर्यटकों के प्रवेश पर पाबंदी रखने के निर्देश हैं।
सेढूराम यादव

डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना