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कछुए की तस्करी का नायाब तरीका : करोड़पति बनाने का झांसा दे गोल्डन कलर कर लाखों का बेचा कछुआ

  शहर के एक व्यक्ति को साढ़े पांच लाख रुपए में बेचा था गोल्डन कछुआ
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अलवर

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Kailash Chand Sharma

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Updated: 19 Nov 2022, 1:43 AM IST

कछुए की तस्करी का नायाब तरीका : करोड़पति बनाने का झांसा दे गोल्डन कलर कर लाखों का बेचा कछुआ

कछुए की तस्करी का नायाब तरीका : करोड़पति बनाने का झांसा दे गोल्डन कलर कर लाखों का बेचा कछुआ

अलवर. शातिर तस्कर नदी-तालाबों से कछुआ पकड़ते और उस पर गोल्डन कलर और पॉलिश करते। इसके बाद करोड़पति बनाने का झांसा देकर लोगों को कछुआ लाखों रुपए में बेच देते थे। तस्करों द्वारा अलवर के एक व्यक्ति को साढ़े पांच लाख रुपए में कछुआ बेचा था। तस्करों ने कितने लोगों को झांसा देकर कछुए बेचे हैं, इस बारे में पुलिस गहनता से पड़ताल में जुटी हुई है।
अरावली विहार थाना पुलिस ने कछुआ तस्कर दयाराम पुत्र हनुमान बावरिया निवासी चांद पहाड़ी थाना अकबरपुर-अलवर, महिपाल उर्फ मनीष पुत्र हनुमान बावरिया निवासी चांद पहाड़ी थाना अकबरपुर-अलवर, शेरू पुत्र नेमीचंद बावरिया निवासी गोपीनाथपुरा थाना दातारामगढ़-सीकर और शम्भूदयाल उर्फ समून पुत्र शीशपाल नट निवासी घेघोली थाना एमआइए-अलवर को गिरफ्तार किया है। जिन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
शातिर तस्करों ने आसपास के क्षेत्र के नदी-तालाबों से कछुआ पकड़ते थे। कछुए को घर लाकर उस पर गोल्डन कलर और पॉलिश करते थे। इसके बाद वे बाजार में ग्राहक ढूंढ़ते थे। कछुए की बाजार में 20 से 30 लाख रुपए कीमत बताकर सस्ता ग्राहक ढूंढ़ते थे। ग्राहकों को कछुआ दिखाते हुए तस्कर झांसा देते थे कि ये गोल्डन कछुआ है जो आपको करोड़पति-अरबपति बना देगा। ये आपको सस्ते में 5-7 लाख रुपए में मिल जाएगा। साथ ही आगे बाजार में महंगे दामों में बेच मोटा मुनाफा कमाने का लालच भी देते थे। कछुआ खरीदने वाले व्यक्ति के साथ खुद भी बोगस पार्टनर बन जाते थे।

अलवर में एक व्यक्ति को साढ़े पांच

शातिर तस्कर शंभूदयाल उर्फ समून और महिपाल उर्फ मनीष ने अलवर के कालाकुआं निवासी सुनील खत्री को पहले एक प्लाट दिलाया था। इसके बाद शंभूदयाल, महिपाल, दयाराम और शेरू ने संजय खत्री को झांसा देकर साढ़े पांच लाख रुपए में कछुआ बेच दिया था, लेकिन कुछ ही देर बाद वह कछुआ मर गया था। इसके बाद तस्कर उसे दूसरा कछुआ देने आए थे और कटीघाटी में पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने उनके कब्जे से एक लग्जीर गाड़ी, बाइक और कछुआ भी बरामद किया। लाख में बेचा कछुआ

तस्करों का
रेकॉर्ड खंगाल रहे
अरावली विहार थाने के एसआई जांच अधिकारी मालीराम ने बताया कि शातिर तस्कर लोगों को करोड़पति-अरबपति बनाने का झांसा देते थे। फिर गोल्डन कलर-पॉलिश कर कछुआ बेचते थे 5-7 लाख रुपए में बेचते थे और बाजार में आगे कई गुना दाम पर कछुआ बिकने का लालच देते थे। शहर के कालाकुआं निवासी संजय खत्री को तस्करों ने साढ़े पांच लाख रुपए में कछुआ बेचा था। तस्करों ने गहनता से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनका पुराना आपराधिक रेकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। जिसमें यह भी पता लगाया जा रहा है। कि तस्करों ने अन्य लोगों से भी कछुआ बेचकर ठगी की है या नहीं।