
main accused samardeep arrested
अलवर. रामगढ़
रामगढ़ थाना पुलिस ने तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपित समरदीप चौहान को सोमवार को देहरादून के एक होटल से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से एक लाख रुपए की नकदी भी बरामद की है। आरोपित ने अपनी बहन के ससुर की हत्या के बाद उसके एटीएम से करीब डेढ़ लाख रुपए निकाले, जिनमें से करीब पचास हजार रुपए उसने होटल व गर्लफेंड पर खर्च करना स्वीकारा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि करीब सात माह पूर्व उसकी बहन का सुहाग उजड़ गया। उसके जीजा ने अपने माता-पिता व भाई से दुखी होकर आत्महत्या की। इसके बाद भी बहन के ससुरालीजनों का दिल नहीं पसीजा। बहन को हताश व परेशान देखकर उसका खून खौल उठा और उसने बहन के सास, ससुर व जेठ की हत्या की योजना बनाई।
थानाधिकारी अजीतसिंह बडसरा ने बताया कि हरियाणा के सोहना में घटित तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपित समरदीप चौहान (२५) पुत्र प्रेमपाल को मुखबिर की सूचना पर एसआई बनवारीलाल के नेतृत्व में पुलिस की स्पेशल टीम ने देहरादून के एक होटल में दबिश देकर दस्तयाब किया। टीम में जानमोहम्मद, देवकीनन्दन शर्मा, कासम खां व साइबर सैल के लोकेश आदि भी शामिल थे, जो घटना के दिन से ही समरदीप के मोबाइल को ट्रैस कर उत्तराखण्ड में डेरा डाले हुए थे।
हत्या का नहीं मलाल
पूछताछ में आरोपित समरदीप चौहान ने बताया कि उसे बहन के सास, ससुर व जेठ की हत्या का कोई मलाल नहीं है। जीजा के मौत की खबर तक ससुरालीजनों ने उसकी बहन को नहीं दी। उनको बेटे के मरने का कोई मलाल नहीं था। बहन गीता का ससुर रिटायर्ड फौजी था। उसके पास पैसे की भी कमी नहीं थी, लेकिन जीजा के मरते ही उसने बहन व चार वर्षीय भांजी को घर से निकाल दिया।
बाद में अदालत के हस्तक्षेप के बाद उसकी बहन मकान की प्रथम मंजिल पर रहने लगी। समरदीप ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इसके बाद भी सास, ससुर व जेठ नहीं बदले। वे आए दिन उसकी बहन से झगड़ा करते रहते थे। उन्होंने उसकी बहन को कभी सौ रुपए तक नहीं दिए। तीनों जादू-टोने में भी विश्वास रखते थे और आए दिन किसी ना किसी बाबा, तांत्रिक को घर लाते रहते थे।
Published on:
3 Oct 2017, 7:20 AM IST
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