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पकौड़ा बेंचने के बाद अब खेती से होंगे रोजगार के अवसर उपलब्ध, भाजपा सांसद का दावा

केंद्र और प्रदेश में भजपा की सरकार लगातार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के वादे तो कर रही है
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अम्बेडकर नगर

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Ruchi Sharma

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Updated: 26 Feb 2018, 4:36 PM IST

bjp

hariom pandey

अम्बेडकर नगर. केंद्र और प्रदेश में भजपा की सरकार लगातार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के वादे तो कर रही है, लेकिन बेरोजगार युवाओं के हाथ नौकरी न लगने के बजाय अब उनको निराशा का मुंह देखना पड़ रहा है। अपने एक बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पकौड़ा बेंचने को रोजगार से जोड़ा था, जिसको लेकर पूरे देश में विपक्ष ने जमकर है तौबा मचाया और अब भाजपा के सांसद डॉ. हरिओम पांडेय ने जिले आयोजित एक किसान मेले और गोष्ठी के आयोजन में मुख्यातिथि के रूप में पहुंच कर कृषि कार्यों के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने की बात कही है।

कार्यक्रम में पहुंचे सांसद डॉ. हरिओम पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। पत्रकारों से वार्ता करते हुए सांसद ने कहा कि प्रदेश में योगी और देश में मोदी जी के नेतृत्व में चल रही सरकार किसानों के हित के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहाकि कृषि विभाग के प्रयासों से अम्बेडकर नगर प्रदेश में कृषि विकास में पहले स्थान पर है और यहां के युवा किसान काफी जागरूक होकर कृषि कार्यों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, जिसके लिए इस आयोजन में उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। सांसद ने कहाकि कृषि विकास से रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

लोक लुभावन वादों के बीच ऐसे आयोजित की गई किसान गोष्ठी

जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है, भारतीय जनता पार्टी प्रतिदिन तरह तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करके लोगों को लुभाने में जुटी हुई है। अम्बेडकर नगर कृषि प्रधान जिला होने के कारण यहां बहुसंख्यक किसान हैं और इन किसानों को लगातार लुभाने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार के चार साल से अधिक के कार्यकाल में कृषि विभाग की तरफ से दर्जनों कृषि मेला और गोष्ठी का आयोजन जिला मुख्यालय से लेकर सभी विकास खंड मुख्यालयों पर किया जा चुका है, लेकिन जो लाभ शासन और प्रशासन के जरिये बताई जाती है ऐसा कुछ लाभ जिले के किसानों के बीच होता दिखाई नहीं पड़ रहा है।

सोमवार को एक ऐसे ही किसान मेले और गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कृषि विभाग से जुड़े तमाम अधिकारियों और वैज्ञानिकों के माध्यम से कृषि से सम्बंधित लाभकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही प्रदेश और देश स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले किसानों को भी सम्मानित किया गया। हालांकि तमाम किसान यह आरोप लगाते रहे कि इस तरह के मेले और गोष्ठी के आयोजन से किसानों का कोई लाभ नहीं होने वाला है। इस आयोजन में अधिकारियों और वैज्ञानिकों के माध्यम से केवल भाषण बाजी कराई जाती है। किसानों का कहना है कि अगर वास्तव में सरकार किसानों का हित चाहती है तो उन्हें मुख्यालय छोड़कर किसानों के साथ गांव और खेत तक पहुंच कर जानकारी देनी पड़ेगी, तभी किसान उस पर अमल कर पायेगा और अच्छी खेती, अच्छी पैदावार संभव हो सकेगी।