यूं तो होली के त्यौहार में दुश्मन को भी गले लगाकर सारे गिले शिकवे दूर करने की परम्परा कायम है, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में शायद लोग अपनी इस खास परम्परा को भूलते जा रहे हैं। परम्परागत रूप से मनाई जाने वाली होली में कोई किसी के साथ होली खेले, गले मिले, इसका न तो बुरा मानता है और न ही विरोध करता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति नशे में होकर होली खेलने के नाम पर कपड़ा फाड़ होली या प्रतिबंधित स्थलों पर रंग डालने का प्रयास करता है, तो स्थिति बिगड़ जाति है और कई बार यह हुड़दंग साम्प्रदायिक रूप ले लेता है, जिसमे कई बार जन धन की हानि तक हुई है। प्रशासन ऐसी ही परिस्थिति से निपटने के लिए जिले में शांति पूर्वक होली का त्यौहार सम्पन्न कराने के लिए विशेष तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन पुलिस विभाग के साथ मिल कर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में स्थापित शान्ति कमेटियों की बैठक कर लोगों से शांति पूर्वक इस पवित्र त्यौहार को मनाने की अपील करने के साथ ही, केमिकल रंगों, डी जे, और शराब का प्रयोग न करने की चेतावनी दे रहा है।