7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अपराधियों से सुरक्षा के लिए मिले टिप्स, कहा- बेटियां अगर तोड़ेंगी चुप्पी तो होंगी सुरक्षित

अपराधियों से सुरक्षा के लिए मिले टिप्स, कहा- बेटियां अगर तोड़ेंगी चुप्पी तो होंगी सुरक्षित
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अम्बेडकर नगर

•

image

Ruchi Sharma

•

Updated: 8 Dec 2017, 11:37 AM IST

1090

1090

अम्बेडकर नगर. समाज में लड़कियों और महिलाओं को बिना किसी वजह के तमाम तरह के अपराधों का शिकार होना पड़ता है, जिसमें कभी-कभी तो मामला हलकी फुलकी छेड़खानी तक ही सीमित रह जाता है, लेकिन कभी-कभी इनके साथ बलात्कार, हत्या का प्रयास या हत्या जैसे जघन्य अपराध भी हो जाता है। इसके अलावा महिलाओं और लड़कियों को अक्सर घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है और यह सब सिर्फ इसलिए होता है कि अधिकांश मामलों में लड़कियां और महिलायें अपने साथ होने वाले किसी भी अपराध के मामले में चुप्पी साध लेती हैं।


महिलाओं और लड़कियों को इस तरह के अपराधों से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने नारी सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया है, जिसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में बेटियों और महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है। इस जागरूकता अभियान में बेटियों और महिलाओं को ऐसे टिप्स दिए जा रहे हैं, जिसको करने से बेटियां अपने साथ होने वाली घटनाओं से न सिर्फ निजात पा सकती हैं बल्कि ऐसे अपराधियों को भी पकड़वा सकती हैं।

पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम

सरकार के मंशा के अनुरूप जहां प्रदेश भर में नारी सुरक्षा सप्ताह मनाया जा रहा है वहीं अम्बेडकरनगर जिले में भी जिले भर की लड़कियों और महिलाओं को विशेष तौर पर मनचलों और अपराधियों से सुरक्षा के नए नए टिप्स और सावधान रहने के साथ सतर्क रहकर चुप्पी तोड़ने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र के नेत्रित्व में पूरे जिले में लड़कियों के स्कूल कॉलेजों के अलावा अन्य कई ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लड़कियों और महिलाओं को इस बात की जानकारी दी जा रही है कि किसी भी आपात स्थिति में लड़कियां अथवा महिलाएं किस तरह से अपने आप को सुरक्षित कर पाएंगी।

पुलिस अधीक्षक की तरफ महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में चल रहे INSEPT-2017 कार्यक्रम में पहुंच कर नारी सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें मेडिकल कॉलेज की छात्राओं और वहां की महिला प्रोफेसरों के अलावा अन्य विद्यालयों की बेटियों को भी सुरक्षा के टिप्स दिए गए साथ ही पुलिस की तरफ से महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार किये गए वीडियो फिल्म के जरिये भी नारी सशक्तिकरण की जानकारी देते हुए स्वयं को सुरक्षित रखने और अपराधियों को धुल चटाने की जानकारी दी गई।

इस मौके पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र ने कालेज की छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि जब भी कहीं ऐसा लगे कि कोई भी महिला या बेटी किसी मनचले या अपराधी के कारण मुसीबत में है तो सबसे पहले वह अपनी चुप्पी तोड़े और जितनी ताकत हो उतनी जोर से वह चीखना चिल्लाना शुरू कर दे। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से अपराधी का मनोबल टूट जाएगा और वह वहां से भागने की फिराक में पड़ जाएगा।

1090 का सहयोग भी महिलाओं को करती हैं सुरक्षित

प्रदेश सरकार लगातार नारियों की सुरक्षा के लिए प्रयास कर रही है और प्रयास की इसी कड़ी में प्रदेश में 1090 का संचालन भी पुलिस के द्वारा चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश में किसी भी महिला के साथ यदि कहीं भी किसी तरह का कोई अत्याचार, घरेलू हिंसा अथवा अन्य कोई अपराध होता है तो वे अपने फोन से 1090 नंबर डॉयल कर पुलिस की मदद ले सकती हैं। इस नम्बर पर डायल करने से पुलिस तुरंत उनकी मदद के लिए पहुंचेगी।

इस कार्यक्रम के आयोजन के माध्यम से पुलिस द्वारा जिले भर की बच्चियों और महिलाओं को सामज में फैली कुरीतियों और अपरधियों से सतर्क रह कर , उन पर हो रहे अत्याचार और शोषण के खिलाफ चुप्पी तोड़ मुंहतोड़ जबाब देने के लिए जागरूक रही है साथ ही जेले के तमाम सामाजिक संगठनों और विद्यालयों से भी सहयोग लिया जा रहा है। समस्याओं और उनसे निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक ने लड़कियों से खुद बात की और जागरूक किया। उन्हें चुप न रहकर अपनी समस्यायों के बारे में अपने माता-पिता व गार्जियन से बात करने की सलाह भी गयी।

जिले के महामाया मेडिकल कॉलेज में नारी सुरक्षा आयोजन में उन्होंने बताया की इस आयोजन के तहत महिलाओं पर अपराध और उनके कानूनी प्रावधान के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की 1090 और सोशल मीडिया के जरिये ब्लेक मेलिंग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लड़कियों और महिलाओं को चुप न रहकर चुप्पी तोड़ने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है , जो आगे चल कर उन्हें ताकत देगा।