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बिना नंबर की जिप्सी में पुलिस ने झांककर देखा तो खुला बड़े अक्षरों में PRESS लिखे होने का राज

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रात में जिप्सी लेकर जा रहे युवक को रास्ते में रोककर की जांच, गिरफ्तार
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 4 Aug 2018, 4:35 PM IST

Written press in jipsy

Seized jipsy

अंबिकापुर.press लिखे वाहनों से भी अवैध काम हो रहे हैं। इसकी आड़ में कई ऐसे अपराधी तत्व के लोग पुलिस की नजरों से बच निकलते हैं जिनका प्रेस या किसी अखबार से कोई लेना-देना नहीं होता है। ऐसे अवांक्षित तत्वों की सोच यह रहती है कि वाहन पर पे्रस लिखा देख पुलिस उनसे पूछताछ नहीं करेगी और वे अपने मंसूबों में हमेशा कामयाब होते रहेंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

कोतवाली पुलिस ने बिना नंबर की तथा बड़े-बड़े अक्षरों में पे्रस लिखी जिप्सी की तलाशी ली तो उसमें सागौन लकड़ी की तस्करी की जा रही थी। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए मामला वन विभाग को सौंप दिया है।

गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम रनपुरकला निवासी 35 वर्षीय शनि यादव पिता गोवर्धन यादव गुरुवार की रात जिप्सी वाहन से दरिमा की ओर जा रहा था। जिप्सी के आगे बड़े-बड़े अक्षरों में पे्रस लिखा हुआ था तथा उसमें नंबर भी नहीं थे। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने रात करीब 9 बजे उसे दरिमा मोड़ के पास रुकवा लिया।

पुलिस ने जब जिप्सी की तलाशी ली तो भीतर कटी हुई सागौन पेड़ की चार बल्लियां लोड थीं। पुलिस ने लकड़ी ले जाने के संबंध में जब उससे दस्तावेज मांगे तो वह दिखा नहीं पाया। साथ ही वाहन संबंधी कागजात भी नहीं थे।

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पुलिस की पूछताछ में उसने अपना नाम, पता समेत जहां से लकड़ी कटवाकर ला रहा था उसे बताया। इसके बाद पुलिस ने लकड़ी सहित जिप्सी वाहन को जब्त कर युवक को गिरफ्तार कर लिया।


वन विभाग को सौंपा प्रकरण
कोतवाली पुलिस रात में ही युवक को थाने ले आई। शुक्रवार को पुलिस ने जब्त लकड़ी व वाहन को वन विभाग को सौंप दिया। वन विभाग द्वारा युवक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गौरतलब है कि पे्रस लिखे वाहनों के अलावा ब्लैक फिल्म लगे वाहनों में भी धड़ल्ले से अवैध काम को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सुस्त है।

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