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Strike news: Video: अधिकारी-कर्मचारी रहे हड़ताल पर, सरकारी दफ्तरों में पसरा रहा सन्नाटा, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

Strike news: मांगें नहीं माने जाने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, सरकारी कार्यालय तो खुले रहे, लेकिन नहीं किया काम, दूर-दराज से पहुंचे लोगों को बैरंग लौटना पड़ा, हुई परेशानी

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Strike news

Officers and employees on strike (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले सरगुजा के अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को एक दिवसीय हड़ताल (Strike news) पर रहे। इनके हड़ताल पर रहने से जिले के सभी शासकीय दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालय तो खुले रहे, लेकिन काम काज ठप रहा। दूर-दराज से विभिन्न कार्य कराने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इन्हें बिना काम कराए ही लौटना पड़ा।

कर्मचारी-अधिकारी स्थानीय गांधी चौक पर धरना (Strike news) दिया। अपनी मांगों के समर्थन में उन्होंने अपनी बातें रखी। विरोध-प्रदर्शन के बाद दोपहर में धरना स्थल से रैली निकालकर कलेक्टोरेट पहुंचे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारी-अधिकारियों ने मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को लागू करने की मांग की।

फेडरेशन का कहना है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन (Strike news) और तेज किया जाएगा।

Strike news: उग्र आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इससे पूर्व 18 जुलाई 2025 को भी कलेक्टरों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। फेडरेशन ने यह भी कहा कि उनकी मांगें केवल कर्मचारियों के हित में नहीं, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी आवश्यक है। फेडरेशन का कहना है कि अगर सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो आंदोलन (Strike news) और उग्र होगा।

कार्यालयों में पसरा रहा सन्नाटा

कर्मचारी-अधिकारी के एक दिवसीय धरना (Strike news) पर चले जाने के कारण जिले के शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। अंबिकापुर तहसील कार्यालय में पूरी तरह काम काज ठप रहा। इसी तरह एसडीएम कार्यालय में ताला लगा रहा। जमीन रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा।

फेडरेशन की ये हैं 11 मांगें

  1. केंद्र के समान महंगाई भत्ता (डीए) और राहत (डीआर) लागू हो।
  2. 2019 से लंबित डीए एरियर जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाए।
  3. पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर वेतन विसंगतियां दूर की जाएं।
  4. चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू हो।
  5. सहायक शिक्षकों व पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय वेतनमान दिया जाए।
  6. नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित वेतन और पदोन्नति मिले।
  7. राज्य में कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू हो।
  8. अनुकंपा नियुक्ति नि: शर्त एवं स्थायी रूप से लागू की जाए।
  9. 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त कर सभी पदों में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
  10. अर्जित अवकाश का नगदीकरण 300 दिन तक किया जाए।
  11. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त लाभ दिए जाएं।

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