गौरतलब है कि इससे पूर्व भी जिलाबदर (District expelled) के आरोपी अपने घर व गृह जिला क्षेत्र में समय से पूर्व लौट आए हैं। कई बार पुलिस पर ही उन्हें संरक्षण देने के आरोप लगे हैं। यह मामला सामने आने के 2 महीने पूर्व ही शहर के दर्रीपारा निवासी जिलाबदर का एक आरोपी घूमता मिला था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था।