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पैर में दर्द का एहसास हुआ तो उठ बैठी महिला, टॉर्च जलाकर देखा तो बिल में घुस रही थी मौत

घटना के बाद गांव में ही महिला का काफी देर तक कराते रहे झाडफ़ूंक, हालत खराब होने पर अस्पताल में कराया गया भर्ती, तोड़ा दम
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अंबिकापुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 15 May 2018, 3:51 PM IST

Dead body

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कुसमी. सामरी क्षेत्र के ग्राम सेरंगदाग में जमीन पर सो रही एक महिला को आधी रात को जहरीले सांप ने डस लिया। पैर में दर्द का एहसाय होने पर वह उठ बैठी और टॉर्च जलाया तो कमरे में सांप था। वह जब चिल्लाने लगी तो सांप घर में ही एक बिल में घुस गया। शोर सुनकर परिजन वहां पहुंचे और महिला के बताने के बाद गांव में ही झाडफ़ूंक कराने लगे।

जब उसकी हालत बिगडऩे लगी तो कुसमी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। परिजन का अंधविश्वास यही नहीं रूका और वे महिला की मौत होने के बावजूद उसके जिंदा होने की आस में झाडफ़ूंक कराने शव को शंकरगढ़ क्षेत्र में ले जाने की तैयारी करने लगे।

इस पर कुसमी थाना प्रभारी ने उन्हें समझाइश देकर कहा कि महिला की मौत हो चुकी है, अब वह जिंदा नहीं हो सकती तब जाकर परिजन पीएम के लिए तैयार हुए। इधर घरवालों ने सांप को घर में ही कैद कर रखा था। महिला की मौत के बाद उन्होंने उसे भी मार डाला


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थानांतर्गत ग्राम सेरंगदाग निवासी 45 वर्षीय सुमत्री बाई पति करमसाय सोनवानी रविवार की रात को बेटियों के साथ जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान रात करीब 1 बजे उसके पैर पर जहरीले सांप ने डस लिया। इससे दर्द होने पर उसकी आंखें खुली और वह टार्च जलाकर देखी तो वहां एक जहरीला सांप दिखाई दिया।

देखते ही देखते सांप घर के बिल में घुस गया, इधर परिजन द्वारा उसे तत्काल अस्पताल लाने के बजाए गांव मे झाडफ़ूंक कराने लगे। झाडफ़ूंक सेे राहत नहीं मिलने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में लेकर पहुंचे, यहां उपचार के दौरान देर रात करीब 3.30 उसकी मौत हो गई।

सूचना पर कुसमी पुलिस मौके पर पहुंची सुमित्री बाई को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित करने के बाद भी उसके परिजन जिंदा होने की आस में उसे शंकरगढ क्षेत्र झाडफ़ूंक कराने ले जाना चाह रहे थे। इसी बीच थाना प्रभारी मोरध्वज देशमुख की समझाइश पर शव का पीएम करने के लिए तैयार हुए। इधर बिल में घुसे सांप को ग्रामीणों ने घर में कैद कर रखा था, जिसे सोमवार की दोपहर को मार दिया गया।


ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव
सर्पदंश के मामलों में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता का काफी अभाव देखने को मिलता है। अंधविश्वास के फेर में पडऩे से पीडि़त की मौत हो जाती है। सर्पदंश के बाद परिजन पीडि़त को अस्पताल ले जाने के बजाए गांव में ही झाडफ़ूंक कराने लगते हैं, इससे राहत तो नहीं मिलती है बल्कि हालत और बिगड़ जाती है।

फिर काफी देर से पीडि़त को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचते हैं और सांप का विष पूरे शरीर में फैलने की वजह से चिकित्सक भी जान नहीं बचा पाते हैं।

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