आसमा के अलावा इस सम्मान की अन्य विजेताओं में तंजानिया की महिला अधिकार कार्यकर्ता रेबेका ग्युमी, ब्राजील की जोएना वापीचाना और आयरलैंड के मानवाधिकार संगठन फ्रंट लाइन डिफेंडर्स शामिल हैं। गौरतलब है कि आसमा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार पुरस्कार से सम्मानित होने वाली चौथी पाकिस्तानी महिला हैं। इससे पहले बेगम राना लियाकत अली खान (1978), बेनजीर भुट्टो (2008) और मलाला यूसुफजई (2013) को यह सम्मान दिया जा चुका है।