6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UN में पाक को दो टूक, भारत के मामलों में हस्तक्षेप न करें तो ही होगा बेहतर

जम्मू-कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने भारत की आलोचना करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर मुंहतोड
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Devesh Kumar Sharma

•

Updated: 16 Sep 2017, 12:20 PM IST

India Object on Pakistan and OIC statement in UN Assembly

UN Assembly

न्यूयॉर्क. पाकिस्तान अपनी नापाक करतूतों के कारण लगातार अतंरराष्ट्रीय मंच पर भारत के खिलाफ जहर उगलकर अपनी ही फजीहत करा रहा है। एक बार फिर जम्मू-कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भारत की आलोचना करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे संयुक्त राष्ट्र में एक बार फिर मुंहतोड़ जवाब दिया है।

दरअसल, मुस्लिम देशों के संगठन ‘ऑर्गनाइजेशन ऑफ द इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी)’ की तरफ से पाकिस्तान के यूएन में दिए एक बयान को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने साफ कहा है कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है। गौरतलब है कि ऑर्गनाइजेशन ऑफ द इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) 57 देशों का संगठन है जो दुनिया में मुस्लिमों की आवाज उठाने के लिए बनाया गया हैं। ओआईसी की तरफ से पाकिस्तान ने भारत पर जम्मू-कश्मीर राज्य में मानवाधिकार के हनन और कश्मीर में रह रहे मुसलमानों के आत्मनिर्णय के अधिकार को नकारने का आरोप लगाया था।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर इंडियन परमानेंट मिशन के सचिव डॉक्टर सुमित सेठ ने जवाब देते हुए कहा, ‘अध्यक्ष जी, मैं इस मंच का इस्तेमाल भारत के जवाब देने के अधिकार के तहत कर रहा हूं। यह जवाब पाकिस्तान के उस बयान के बाद दिया जा रहा है, जो उसने ओआईसी की ओर से दिया था।’ सेठ ने कहा, ‘भारत को अफसोस है कि ऑर्गनाइजेशन ऑफ द इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) ने अपने बयान में भारत के अभिन्न और अविभाज्य राज्य जम्मू-कश्मीर से जुड़े गलत और भ्रामक तथ्य सभा के मध्य प्रस्तुत किए हैं।

सेठ ने आगे कहा, ‘भारत ऐसे बयान को पूरी तरह खारिज करता है। पाकिस्तान और ओआईसी दोनों को ही भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है। हम ओआईसी को सलाह देते हैं कि वह भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से बचे, तो ही बेहतर रहेगा।’