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अमरीकाः ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत, अप्रवासी बच्चों को परिजनों से मिलाने के लिए समयसीमा बढ़ी

अमरीकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन को राहत देते हुए अप्रवासी बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए समयसीमा बढ़ा दी है।
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नई दिल्ली

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Mangala Prasad Yadav

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Updated: 10 Jul 2018, 12:39 PM IST

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अमरीकाः ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत, अप्रवासी बच्चों को परिजनों से मिलाने के लिए समयसीमा बढ़ी

वाशिंगटन।अमरीका की एक कोर्ट ने मेक्सिको सीमा पर परिजनों से अलग किए गए पांच साल और इससे कम उम्र के अप्रवासी बच्चों को उनके मां-बाप से मिलाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को अतिरिक्त समय दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को यह फैसला उस समय आया, जब सरकार के वकील ने कहा कि मंगलवार को समाप्त हो रही समयसीमा तक 102 बच्चों में से आधे से अधिक को उनके मां-बाप से मिलवा दिया जाएगा। ये बच्चे अमरीकी सीमा में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले 2,300 से अधिक बच्चों में से ही हैं, जिन्हें उनके मां-बाप से अलग कर दिया गया था।

न्यायाधीश डाना सैब्रो ने दी मोहलत
अमरीकन सिविल लिबर्टिज यूनियन (एसीएलयू) का कहना है कि पांच साल से कम उम्र के बच्चों के 102 बच्चों की सूची को देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि 10 जुलाई तक इनमें से आधे भी अपने मां-बाप से नहीं मिल पाएंगे। न्याय विभाग की सारा फैबियन ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि 53 बच्चे मंगलवार तक अपने मां-बाप के पास पहुंच जाएंगे। सैन डिएगो में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश डाना सैब्रो ने कहा कि कुछ मालमों में रियूनिफिकेशन के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ेगी।

ये भी पढ़ेंः अमरीका: ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट को सौंपी माता-पिता से अलग किए गए बच्चों के नामों की सूची
ट्रंप की जीरो टॉलरेंस' नीति की शिकार हुई भारतीय महिला
अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की जीरो टॉलरेंस' नीति की शिकार एक भारतीय महिला भी हुई है। महिला का नाम भावना पटेल (33) बताया जा रहा है। दरअसल भावना मैक्सिको से अमरीका में अवैध रूप से प्रवेश करने के दौरान गिरफ्तार की गई थी। ट्रंप की अप्रवासी नीति (जीरो टॉलरेंस) की वजह से भावना को अपने पांच वर्षीय दिव्यांग बेटे से अलग कर दिया गया। कोर्ट में भावना ने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद में प्रताड़ना से परेशान होकर वह ग्रीस होते हुए मैक्सिको पहुंची थी।