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ट्रंप ने गुआंतनामो बे खोलने के आदेश पर हस्ताक्षर किया, आतंकियों को भेजा जाएगा यहां

ट्रंप ने अपने इस कदम की घोषणा मंगलवार की रात 'स्टेट ऑफ यूनियन एड्रेस' के दौरान की।
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Prashant Kumar Jha

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Updated: 31 Jan 2018, 4:14 PM IST

trump, donald trump

वाशिंगटन: अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा की नीति के उलट गुआंतनामो बे सैन्य जेल को खोलने के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। ट्रंप ने अपने इस कदम की घोषणा मंगलवार की रात 'स्टेट ऑफ यूनियन एड्रेस' के दौरान की। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस से 'हमारी सैन्य हिरासत नीति की फिर से जांच करने व गुआंतनामो बे में हिरासत की व्यवस्थाओं को खोलने' का निर्देश देते हुए आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है।

इस्लामिक स्टेट कैदियों को गुआंतनामो बे भेजने की संभावना

यह फैसला ओबामा नीति के उलट है। उन्होंने कहा था कि वह इस विवादित जगह को 'जल्द से जल्द व्यावहारिक' रूप से बंद कर देना चाहते हैं। विवादित जगह होने से परेशानियां बढ़ने की आशंका रहती है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने भाषण में ट्रंप ने इस्लामिक स्टेट कैदियों को गुआंतनामो बे भेजने की संभावना जताई। ट्रंप ने कहा कि आईएसआई के कैदियों को गुआंतनामो बे भेजने पर विचार किया जाएगा। ट्रंप ने कहा, "मैं कांग्रेस से यह सुनिश्चित करने के लिए कह रहा हूं कि आईएस व अल कायदा के खिलाफ लड़ाई में हमें सभी जरूरी शक्तियों को आतंकवादियों को हिरासत में रखने के लिए जारी रखना होगा। आतंकवादियों के बहुत से मामलों में यह गुआंतनामो बे होगा।

ओबामा के कार्यकाल में कैदियों को किया गया था ट्रांसफर

आदेश में कहा गया, "अमरीका कानूनी रूप से राष्ट्र की सुरक्षा की जरूरतों के मद्देनजर अतिरिक्त बंदियों को अमेरिकी नौसैनिक स्टेशन गुआंतनामो बे स्थानांतरित कर सकता है।"इसमें गुआंतनामो बे के संचालन को 'कानूनी, सुरक्षित, मानवीय और अमेरिकी व अंतर्राष्ट्रीय कानून' के अनुरूप कहा गया है। क्यूबा में मौजूद इस जेल का इस्तेमाल 9/11 के हमलों के बाद उन्हें कैद में रखने के लिए किया गया है, जिन्हें अमेरिका 'दुश्मन लड़ाके' कहता है। अभी सिर्फ 41 कैदी वहां हैं। ओबामा के समय में सैकड़ों कैदियों को इस जेल से स्थानांतरित कर दिया गया था।