
FATF action on Pakistan
वॉशिंगटन: आतंकवाद को पनाह देने और आतंकियों को पालने-पोसने के लिए पाकिस्तान को दुनिया भर में बदनाम है। भारत और अमरीका ने मिलकर पर पाकिस्तान पर कई ऐसे अंतरराष्ट्रीय दबाव डाले हैं जिसकी वजह से पाकिस्तान पूरी दुनिया में आतंकवाद को शरण देने के लिए एक्सपोस हो चुका है। इस बीच पेरिस स्थित फाइनेंशियल टास्क फोर्स से भी पाकिस्तान को बड़े झटके की उम्मीद लगाई जा रही है और इसका डर खुद पाकिस्तान को भी है।
FATF लेगा पाकिस्तान पर एक्शन!
इस बीच अमरीका ने भी ये उम्मीद जताई है कि आतंकियों को फंडिंग करने और उन्हें तैयार करने के मामले में फाइनेंशियल टास्क फोर्स इसी हफ्ते पाकिस्तान पर कोई बड़ा फैसला जरूर लेगी। अमरीका की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) पाकिस्तान तथा उस जैसे दूसरे देशों पर इसी सप्ताह कोई कार्रवाई करेगा। अमरीका का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो ये उन देशों के लिए जवाब होगा, जिन्हें लगता है कि अमरीका टेरर फंडिंग को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। हालांकि अमरीका की तरफ से जारी बयान से एक दिन पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने ये कहा था कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने उन्हें तीन महीने का समय दिया है।
'पाकिस्तान पर कार्रवाई पर इसी हफ्ते हो जाएगा फैसला'
अमेरिका के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'हमारा अनुमान है कि इस सप्ताह गुरूवार को अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।' हीथर से पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा एम आसिफ के उस ट्वीट के संबंध में प्रश्न किया गया था कि एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डालने के लिए कोई आम सहमति नहीं है। इस पर उन्होंने कहा, 'मैं नहीं कह सकती (ट्वीट का जवाब) क्योंकि मेरा मनना है कि इस पर अंतिम निर्णय इसी सप्ताह आना है। अंतिम निर्णय क्या होगा इस पर मैं आगे नहीं जाना चाहती।'
PAK का दावा, तीन महीने का और मिला समय
आपको बता दें कि रूस में मौजूद पाक के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कल FATF के साथ मीटिंग के बाद कहा कि उन्हें तीन महीना का समय और मिल गया है। आसिफ ने कहा था कि पाकिस्तान को आतंकियों को फंड करने वाली सूचि में शामिल करने को लेकर राय नहीं बनी है।
पाकिस्तान उन देशों में से है, जिन पर हमारी नजर- अमरीका
हीथर का कहना है कि कई देश एकजुट हो कर उन देशों पर विचार विमर्श करते हैं जिनके बारे में उन्हें या अन्य देशों को लगता है कि वे आंतकवाद पर लगाम लगाने और उनका वित्त पोषण रोकने के लिए उचित कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। हीथर ने कहा, 'पाकिस्तान उन देशों में से एक है जिन पर वे निगाह बनाए हुए हैं और वे शीघ्र कोई घोषणा कर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ले कर अमेरिका की चिंताए बेहद स्पष्ट हैं।
हाफिज के संगठनों पर फंडिंग की लगी थी रोक
आपको बता दें कि FATF की तरफ से खुद पर कोई ठोस कार्रवाई के डर से ही पाकिस्तान ने हाल ही में आतंकवादी हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई की थी। पाकिस्तानी सरकार ने हाफिज सईद के जमात-उद-दावा फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर चंदा लेने की रोक लगा दी थी।
Published on:
21 Feb 2018, 2:53 PM IST
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