
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने, पूरे अस्पताल में सिर्फ एक फार्मासिस्ट और एक डॉक्टर
अमेठी. कोरोना काल (Covid-19) मे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। डेढ़ लाख की आबादी पर मौजूद एक अस्पताल में सिर्फ एक फार्मासिस्ट और एक डॉक्टर होने के कारण लोगों को इलाज के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने कई बार डॉक्टरों की तैनाती के लिए विभाग के अलावा डीएम से भी की लेकिन अभी तक किसी भी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई। लिहाजा जायस कस्बे में कोरोना महामारी के दौरान लगभग 200 लोगों के आसपास लोगों की मौतें हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर हमला
कस्बे के लोगों का आरोप है इतने लोगों की मौतों के बाद भी दवा नहीं मिल रही है। जांच के लिए अब तक कोई नहीं आया। क्षेत्र में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक महिला अस्पताल है लेकिन ये भी नाम का ही है। महिला अस्पताल में वैक्सीनेशन का बोर्ड लगा हुआ है लेकिन स्टाफ गायब है। इस मामले में कांग्रेस नेता हाजी इशरत हुसैन ने अमेठी में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाया है। नगरपालिका का सेनेटाइजेशन ऐसा की एक लीटर में एक बूंद लिक्विड डालकर छिड़काव हुआ।
वहीं अमेठी के सीएमओ आशुतोष दुबे का कहना है कि वो कस्बे वालों के आरोप से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि जायस पीएचसी पर डाक्टर कैलाश कुमार तैनात हैं। वो वहीं मुख्यालय पर ही रहते हैं। प्रतिदिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी चल रही है और वो बैठते हैं।
Published on:
26 May 2021 05:39 pm
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