
बाएं से अखिलेश यादव बीच में सारस और दाएं में मो.आरिफ
सारस के साथ दोस्ती की वजह से चर्चा में आए मंडखा निवासी मो. आरिफ का साथ आखिरकार उनके दोस्त से छूट गया। वन विभाग की टीम ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर सारस को रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार ले जाकर संरक्षित कर दिया।
दरअसल, जोधपुर मडंका के आरिफ ने घायल सारस का उपचार किया था। इसके बाद सारस जंगल में जाने के बजाय आरिफ के साथ दोस्त बनकर रह रहा था। कुछ दिन पहले आरिफ इंटरनेट मीडिया पर तब चर्चा में आ गए, जब एक सारस पक्षी के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने लगे। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की मीडिया तक ने इंटरव्यू लिया।
अखिलेश यादव ने की थी दोनों से मुलाकात
अभी कुछ दिन पहले ही अमेठी आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मंडखा जाकर मो. आरिफ से मुलाकात की थी। 2 माह पूर्व सुर्खियों में आए सारस और आरिफ की दोस्ती आखिरकार को वन विभाग की टीम ने तोड दिया। वन विभाग की टीम ने वन संरक्षक सुनील चौधरी के निर्देश पर गांव पहुंचकर सारस को अपने कब्जे में ले लिया।
समसपुर पक्षी विहार में छोड़े जाने की मांगी थी अनुमति
डिविशनल फॉरेस्ट ऑफिसर अमेठी डीएन सिंह ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखा था। पत्र में सारस को उसके प्राकृतिक वास समसपुर पक्षी विहार में छोड़े जाने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने प्रभागीय वनाधिकारी अमेठी को सारस को सुरक्षात्मक उपाय के साथ समसपुर पक्षी विहार छोड़ने की अनुमति दे दी थी।
इस पर अखिलेश यादव ने ट्वीट करके लिखा, “वन विभाग की टीम उप्र के राजकीय पक्षी सारस को तो स्वतंत्र करने के नाम पर उसकी सेवा करनेवाले से दूर ले गई, देखना ये है कि राष्ट्रीय पक्षी मोर को दाना खिलानेवालों से स्वतंत्र करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।”
पूरे मामले की बनाया गया वीडियोग्राफी
इसके बाद सारस को पशु चिकित्सक, एसडीओ रामवीर मिश्र और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीम ने पक्षी विहार में ले जाकर छोड़ दिया। डीएफओ ने बताया, “सारस को सुरक्षात्मक उपाय के साथ उसके प्राकृतिक वास स्थल पर छोड़ दिया गया है। पूरे मामले की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।”
Updated on:
22 Mar 2023, 10:13 AM IST
Published on:
22 Mar 2023, 10:13 AM IST
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