
अमेठी में मनरेगा की सच्चाई, जेसीबी से होती खुदाई, बिना मजदूरी किए प्रधान व उसके पिता समेत सऊदी-दुबई में रहने वालों के खाते में पहुंची रकम
अमेठी. केंद्रीय मंत्री व सांसद स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र में मनरेगा की जमीनी सच्चाई सामने आई है। ब्लॉक मुसाफिरखाना के सालपुर गांव निवासी रामअवध सुत बाली ने डीएम अमेठी से शिकायत की है कि उनकी ग्रामसभा अंतर्गत पूरे सरफराज में ग्राम प्रधान ने जेसीबी मशीन से नाली की खुदाई करवाई है और ऐसे लोगों के नाम मस्टरोल भरकर धनराशि निकाल ली जो सऊदी अरब व दुबई जैसे देशों में नौकरी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा ये भी है कि जेसीबी से नाली की खुदाई करने का उनके पास वीडियो भी है जिसमें प्रधान पति खुद खड़े होकर नाली की खुदाई करवा रहे हैं। आरोप है कि यहां जितने भी लोगों के नाम धनराशि निकाली गई है उन्होंने कोई काम ही नहीं किया है। प्रधानपति व उनके पिता खुद इस सूची में शामिल हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि ग्राम प्रधान ने जेसीबी मशीन लगाकर नाली की खुदाई करवाई है और फर्जी लोगों के नाम पर मनरेगा की मजदूरी निकाल ली गई है। जिसकी शिकायत हमने डीएम अमेठी को शिकायती पत्र देकर की है। वहीं प्रधानपति राम उजागिर ने बताया कि हमने अधिकारियों से बता दिया था क्योंकि रास्ते का मामला था तो रास्ता बाधित ना हो तो इस कारण उसको जेसीबी से खुदवा दिया गया था। लेकिन उसका पेमेंट हम लोग मिट्टी का नहीं लिए थे। प्रधानपति ने बताया कि इसकी सूचना सचिव को दे दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने कबूल किया कि उनके परिवार के लोगों के साथ-साथ 60 से 65 वर्ष की आयु के बुजुर्गों ने इसमें मजदूरी की है।
Published on:
23 Nov 2020, 10:37 AM IST
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