8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुलिस पटाखों की दुकान पर कर रही वसूली, वीडियो हुआ वायरल

कप्तान के नाम पर पुलिस पटाखों की दुकान पे कर रही है वसूली वीडियो हुआ वायरल
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अमेठी

•

image

Ruchi Sharma

•

Updated: 20 Oct 2017, 4:14 PM IST

police

police

अमेठी. सरकार बदली निजाम बदला लेकिन नहीं सुधरी अमेठी पुलिस। ताजा मामला है अमेठी जिले के कप्तान के नाम से खाकी वर्दीधरियों द्वारा पटाखों कि अवैध वसूली करने का एक विडियो वायरल हुआ है जिसमें गौरीगंज थाने के कई वर्दी धारी पटाखा व्यपारियों से अवैध तरीके से जिले के कप्तान के नाम से पटाखे की वसूली करते नजर आ रहे है।

सूबे कि योगी सरकार प्रदेश को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पटाखों पर पूर्णतया पाबंदी लगा रही है। आम जनता भी पटाखों का इस्तेमाल नहीं कर रही, लेकिन सूबे कि योगी सरकार कि खाकी वर्दीधारी प्रकाश पर्व दीपावली के त्योहार पर पटाखों से रंगीन करने के लिए छोटे मोटे अधिकारी नहीं बल्कि स्वयं जिले के कप्तान को ही मोहरा बनाकर धड़ल्ले से मुख्यालय पर लगी पटाखों की दुकानों से पटाखों की वसूली कर रही है। वही पुलिस के ये कारनामे जिला मुख्यालय के साथ आस-पास के इलाकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दरासल ये पूरा मामला अमेठी जनपद के गौरीगंज मुख्यालय से जुड़ा है। जहां गौरीगंज शहर से सटे रणंजय इंटर कॉलेज खेल के मैदान मे सजी पटाखों कि दुकानों से दीपावली के दिन दो दरोगा और सिपाही स्वयं बोरी लेकर पटाखों की दुकानों से पटाखों की वसूली करने पहुंच गए वहीं पटाखों कि वसूली कर रहे सिपाही वा दरोगा से एक दुकानदार ने कहा कि साहब अभी दूसरे सिपाही आये थे और हम सारे लोगों से ढेर सारे पटाखा ले गए लेकिन वायरल विडियो में पटाखों कि वसूली कर रहे दरोगा का बयान सुनकर आप दंग रह जाएंगे।

उन्होंने इस पर कहा गया कि कप्तान से लेकर नीचे के अफसरों को देना पड़ता है। बहुत नियम कानून बताकर आखिर में जबरन मंहगें पटाखें ले गए। वहीं पुलिस का ये कारनामें कि चुपके चोरी से वीडियो बना लिया और सरे आम हुए पटाखों कि वसूली करते वर्दीधारियों का वीडियो भी वायरल कर दिया।

वही इस ममले पर गौरीगंज CO का कहना है कि मामले की जानकारी हुई है जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी पुलिस की छवि को बदनाम करने के लिए किसी को खुली छूट नहीं दी जाएगी। निश्चित रूप से कार्यवाही की जायेगी सबको दण्डित किया जाएगा।

वही सवाल ये उठता है कि क्या अधिकारियों को सरकार द्वारा मिलने वाले वेतन कम पड़ जाता है या मिलता ही नहीं तभी तो पुलिस वा खाकी वर्दीधारी खुलेआम निछावर का भी पैसा लेते है फिर भी दुकानदारों से जबरन वसूली क्यो, क्या इस पर कार्रवाई करने को कहने वाले जिम्मेदार अधिकारी कुछ करेंगे या अपनी संलिप्तता जाहिर करने से कतराये।