
अमेठी. जिले में एक ओर जहां केंद्रीय मंत्री स्मृति अपनी सरकार की बखान कर रही थीं तो वही दूसरे चार वहशी दरिंदों ने एक गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम देकर यूपी सरकार के लॉ एन आर्डर की पोल खोल दी। मामले की सूचना पाकर एसपी केके गहलौत खुद मौके पर पहुंचे, उन्होंंने पीड़ित महिला को न्याय का भरोसा दिलाते हुए उसे मेडिकल के लिये भेजा।
बेहोश हालत में सड़क किनारे लिटा कर फरार हो गये आरोपी
पुलिस के मुताबिक 35 वर्षीय गर्भवती महिला इलाज के लिये प्राइवेट वाहन से जिले की तिलोई सीएचसी आ रही थी। जहां मोहनगंज थाना क्षेत्र के रायबरेली-फैजाबाद रोड पर स्थित हसवा मोड़ पर टैक्सी पर सवार चार व्यक्तियों ने एक साथ 35 वर्षीय इस गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। इस स्थित में गर्भवती महिला बेहोश हो गई थी और आरोपी उसे सड़क किनारे लिटा कर फरार हो गये थे। सड़क किनारे बेहोश पड़ी महिला व उसके साथ एक मासूम को बिलखता देख उधर से गुज़रे राहगीरों की निगाह पड़ी तो उन्होंंने डॉयल 100 को सूचना दी। मौके पर पहुंची डॉयल 100 की टीम महिला को सीएचसी तिलोई में भर्ती कराया और उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
एसपी बोले, मेडिकल और जांच रिपोर्ट आते ही होगी कारवाई
सूचना मिलते ही जिले के एसपी केके गहलौत मौके पर पहुंचे। एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, हम जानकारी कर रहे हैं पीड़िता के घर वालों को भी बुलाया गया है। उन्होंंने बताया कि महिला घटना होना बता रही है, पुलिस टीम को जांच के लिये भेजा गया है। मेडिकल और जांच के बाद अग्रिम कारवाई की जायेगी।
आरोपियों को पहचानती है पीड़िता
उधर पीड़ित महिला ने बताया कि वारदात में चार लोग शामिल थे, जिसमें दो पहले निकल गये। हम अकेले थे, हमारी डिलेवरी थी और अस्पताल दवा लेने के लिये जा रहे थे। पीड़ित महिला ने बताया कि वो आरोपियों के नाम तो नहीं जानती लेकिन उन्हें पहचानती है। आरोपियों में एक के सिर पर बाल नहीं था।
Updated on:
14 Apr 2018, 11:14 AM IST
Published on:
14 Apr 2018, 11:13 AM IST
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