माना जाता है, कि आनासागर झील-रामप्रसाद घाट के आसपास गरीब नवाज नमाज से पहले वजू करते थे। लिहाजा अजमेर आने वाले जायरीन झील में स्नान कर खुद को भाग्यशाली समझते हैं।
अजमेर. आनासागर झील (anasagar lake) से लगातार लाश (dead body) मिलनी जारी हैं। समझाने के बावजूद लोग इसमें नहाने से बाज नहीं आ रहे। हर साल यहां हादसे हो रहे हैं, लेकिन लोगों की सेहत पर फर्क नहीं पड़ रहा है। हाल में यहां बुजुर्ग (old person) की लाश तैरती मिली। गंज थाना पुलिस ने लाश को गोताखारों की मदद से बाहर निकालकर जवाहरलाल नेहरू अस्पताल (jln hospital) की मोर्चरी (morgue) पहुंचाया। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
आनासागर-रामप्रसाद घाट (ramprasad ghat) कैफेटेरिया (cafeteria) के निकट एक बुजुर्ग की लाश तैरती दिखी। सूचना मिलने पर गंज थाना से पुलिसकर्मी मौक पर पहुंचे। यहां गोताखारों (swimmers) और कुछ अन्य लोगों की मदद से लाश को झील से बाहर निकाला गया। शव को तत्काल जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचाया गया।
बुजुर्ग है मृतक
हैड कांस्टेबल (head constable) हबीब खान ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 55 से 60 वर्ष के बीच है। इसने पैंट-शर्ट पहनी हुई है। पैंट में बैल्ट भी लगा है। पानी में रहने से शव (dead body) कुछ फूल गया है। इसके चलते पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए छानबीन करेगी। मृतक की शिनाख्त (identified) नहीं हो पाई है।
झील से कई बार मिली लाश
आनासागर-रामप्रसाद घाट और बारादरी से कई बार शव मिल चुके हैं। यहां मनाही के बावजूद कई जायरीन स्नान करते हैं। कई लोग तैरते हुए गहरे पानी में चले जाते हैं। इसके अलावा कई लोग यहां छलांग लगाकर जान भी दे चुके हैं। जायरीन (pilgrims) तो इसमें स्नान करना पवित्र मानते हैं। ऐसा माना जाता है, कि आनासागर झील-रामप्रसाद घाट के आसपास गरीब नवाज (garib nawaz) नमाज (namaz) से पहले वजू करते थे। लिहाजा अजमेर आने वाले जायरीन झील में स्नान (bath) कर खुद को भाग्यशाली समझते हैं।
पिछली घटनाएं...
23 अप्रेल 2019-नगरा निवासी मनोज कुमार का मिला था शव
5 जून 2017: लौंगिया निवासी इब्राहिम की पानी में डूबने से मौत
12 मई 2018: नसीराबाद के रॉकी मोहन की लाश बारादरी में तैरती मिली
16 जनवरी 2016: कुंदन नगर के तनय का शव मिला था तैरते हुए