
Kerala Car Theft Case: अपराध की दुनिया का एक ऐसा चेहरा जो 22 साल तक कानून की आंखों में धूल झोंकता रहा, आखिरकार पुलिस के जाल में फंस ही गया। दिल्ली, यूपी और हरियाणा से लग्जरी गाड़ियां चुराकर सुदूर केरल में बेचने वाले शातिर आरोपी बलदेव सिंह को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले से गिरफ्तार कर लिया है। 60 साल का हो चुका बलदेव पिछले दो दशकों से पुलिस के लिए एक अनसुलझी पहेली बना हुआ था।
बलदेव सिंह का काम करने का तरीका बड़ा शातिर था। वह दिल्ली, यूपी और हरियाणा जैसे राज्यों से गाड़ियां चुराता था। इसके बाद वह इन गाड़ियों को सीधे केरल नहीं ले जाता था। पहले वह गाड़ियों को ओडिशा भेजता, जहां उनके फर्जी और हूबहू दिखने वाले कागज तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन गाड़ियों को केरल के कन्नूर में महंगे दामों पर बेच दिया जाता था। इस बात का पता तब चला जब उत्तर भारत की पुलिस चोरी की गाड़ियों को ढूंढते हुए केरल पहुंची।
पुलिस से बचने के लिए बलदेव सिंह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह कभी हरियाणा, कभी दिल्ली तो कभी यूपी में छिपकर रहने लगा। इसी दौरान उसने पुलिस से बचने के लिए एक नया रास्ता निकाला। उसने उत्तर भारत में एक राजनीतिक पार्टी जॉइन कर ली और देखते ही देखते जिला स्तर का नेता बन गया। उसे लगा था कि नेता बनने के बाद पुलिस उस पर हाथ डालने से डरेगी।
मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के घोड़ी गांव का रहने वाला बलदेव सिंह केरल के कन्नूर टाउन पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। साल 2004 में उसके खिलाफ गाड़ी चोरी और जालसाजी के करीब 10 मामले दर्ज किए गए थे। एक मामले में पुलिस ने उसे दबोचा भी था, लेकिन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह ऐसा गायब हुआ कि पुलिस उसे ढूंढती ही रह गई। कोर्ट ने उसके खिलाफ कई वारंट जारी कर रखे थे, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
केरल की कन्नूर पुलिस ने पुराने और पेंडिंग मामलों को निपटाने के लिए एक खास अभियान चलाया था। इसी दौरान पुलिस को खबर मिली कि बलदेव सिंह यूपी के अलीगढ़ में छुपा हुआ है। कन्नूर पुलिस की टीम तुरंत अलीगढ़ के तप्पल इलाके में पहुंची और वहां की लोकल पुलिस की मदद से रविवार को बलदेव सिंह को घेरकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे केरल ले गई है, जहां कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इस 22 साल की फरारी के दौरान उसने और कितनी चोरियां की हैं।