विपक्षी दलों के महागठबंधन ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकित अपने उम्मीदवार का नाम खारिज कर दिया है। नए नाम की घोषणा पीएमएल-एन के शाहबाज शरीफ करेंगे।
पाकिस्तान में 4 सितंबर को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने हैं। इसके लिए विपक्षी दल भी एकजुट हो गए हैं। किंतु उम्मीदवार के नाम पर पेंच फंस गया है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए हाल ही में विपक्षी दलों ने मिलकर महागठबंधन बनाया था, जिसमें पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) के ऐतजाज एहसन को राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार बनाया था।
अब पाकिस्तान ? के एक प्रमुख मीडिया हाउस ने सूत्रों के हवाले एक खबर प्रकाशित की है, जिसमें कहा गया है कि महागठबंधन की लगभग सभी पार्टियों ने पीपीपी के नामांकित ऐतजाज एहसान को राष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त उम्मीदवार के रूप में खारिज कर दिया है। हालांकि पार्टी के किसी अन्य व्यक्ति का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने मुरी में परिवार के राजसी निवास पर आयोजित बहुदलीय सम्मेलन के दौरान, सभी विपक्षी दलों ने पीपीपी की ओर से एहसन के एकपक्षीय नामांकन का विरोध किया और उन्हें समर्थन देने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी की अध्यक्षता वाली पीपीपी टीम ने सभी दलों को एहसन के नाम पर सहमत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो पाई।
शाहबाज शरीफ करेंगे राष्ट्रपति उम्मीदवार की घोषणा
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि विपक्षी दलों की बैठक के बाद नेताओं ने बताया कि वे विपक्षी दलों के गठबंधन के मंच संयुक्त रूप से राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार उतारने पर एकजुट हैं। उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जानी है और ये घोषणा नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ ही करेंगे।
अब मामला शाहबाज शरीफ और पीपीपी के बीच
खबर में पीएमएल-एन के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पीपीपी को छोड़कर सभी पार्टियों ने शाहबाज शरीफ को पीपीपी के साथ बातचीत करने के लिए और किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित करने के लिए अधिकृत किया था। मल्टी पार्टी कॉन्फ्रेंस में भाग लेने वाले एक वरिष्ठ पीएमएल-एन नेता के अनुसार- 'अब मामला शाहबाज शरीफ और पीपीपी के बीच है।' उन्होंने बताया कि पीएमएल-एन और अन्य विपक्षी दल ऐतजाज एहसान के अलावा किसी भी पीपीपी उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए तैयार थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि उम्मीदवार केवल पीपीपी से ही होगा।'
पीपीपी अपने उम्मीदवार पर अड़ी
जबकि दूसरी ओर पीपीपी अभी भी ऐतजाज एहसन के नाम पर अड़ी हुई है। पीपीपी नेता कमर ज़मान कैरा के अनुसार- चौधरी ऐतजाज एहसान अभी भी राष्ट्रपति के कार्यालय के लिए पार्टी के उम्मीदवार हैं। बता दें, राष्ट्रपति चुनाव के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार, 27 अगस्त तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकते हैं जबकि कागजात की जांच 29 अगस्त को होगी। इसके बाद 4 सितंबर को इस्लामाबाद में संसद भवन और लाहौर, कराची, पेशावर और क्वेटा में प्रांतीय असेंबलियों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे वोट डाले जाएंगे।