
Ram Janmabhoomi Donation Dispute: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी और चोरी का मामला अब पूरी तरह से तूल पकड़ चुका है। इस मामले में अब पूर्व कारसेवकों का गुस्सा फूट पड़ा है। हिंदू धर्म सेना के प्रमुख और पूर्व कारसेवक संतोष दुबे ने आज मंगलवार को अयोध्या के रामजन्मभूमि थाने पहुंचकर इस मामले में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए लिखित तहरीर दी है।
थाने के बाहर मीडिया से बात करते हुए संतोष दुबे का गुस्सा साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि हम बचपन में सुनते थे कि 'राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट', लेकिन आज अयोध्या में 'राम के धन की लूट है, लूट सके तो लूट' का खेल चल रहा है। राम जन्मभूमि की दानपेटिका से जो चोरी हुई है, उसी संबंध में हम यहां पत्र देने और नामजद एफआईआर दर्ज कराने आए हैं।
संतोष दुबे का कहना है कि किसी को भी यह बहाना बनाने का मौका न मिले कि किसी ने लिखित शिकायत ही नहीं दी, इसलिए वे खुद तहरीर देने सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि तहरीर आपके सामने है और इसमें साफ-साफ 4 चोरों के नाम लिखे हुए हैं। ये राम के धन के चोर हैं। SIT का कोई मतलब नहीं होता, वह तो उन्हीं के दबाव में काम करेगी। इसलिए हम देश के प्रधानमंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री और जनपद की पुलिस से यह आशा रखते हैं कि इन चोरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मुख्यमंत्री या तो खुद इसकी निष्पक्ष जांच करवाएं या फिर पुलिस को पूरी छूट दें।
संतोष दुबे ने उत्तर प्रदेश पुलिस की ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी राज्य की पुलिस इतनी तगड़ी है कि वह मुर्दों से भी सब कुछ उगलवा लेती है, तो फिर ये तो जीते-जागते चोर हैं, इनसे सच बाहर निकलवाना पुलिस के लिए कोई बड़ी बात नहीं है।
हिंदू धर्म सेना के प्रमुख संतोष दुबे खुद पूर्व कारसेवक रहे हैं और राम मंदिर आंदोलन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं। उन्होंने अपनी लिखित शिकायत सीधे राम जन्मभूमि थाने के थाना प्रभारी को सौंपी। शिकायत में उन्होंने मंदिर के पवित्र दान की राशि में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है।