
Ram Mandir Donation Dispute Row Case Update:अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए योग्यता मानदंड तय किए जाने के बाद संत समाज में आपसी मतभेद नजर आ रहा है। रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तुरंत पुनर्गठन की मांग की है।
कल्कि राम ने अपने बयान में स्पष्ट शब्दों में कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज में किसी भी तरह से सरकार का दखल नहीं होना चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट में सीईओ पद की नियुक्ति को पूरी तरह से गैरजरूरी बताते हुए कहा कि मंदिर के सुचारू संचालन के लिए किसी सीईओ की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ट्रस्ट को नए सिरे से गठित किया जाना चाहिए।
रामदल ट्रस्ट के अध्यक्ष ने इस नियुक्ति पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अगर ट्रस्ट में सीईओ की नियुक्ति होती है तो इससे भव्य राम मंदिर की पवित्रता और धार्मिक गरिमा को भारी ठेस पहुंचेगी। उनका तर्क है कि सीईओ जैसे प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर अपने मनमाने ढंग से काम करते हैं और मनमाने फैसले लेते हैं जो कि धार्मिक आस्था और मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं के बिल्कुल खिलाफ है।
राम मंदिर ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को मणिराम दास छावनी में प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट की मौजूदा समितियों को भंग कर उनका नए सिरे से पुनर्गठन करने पर चर्चा होगी। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कुछ समितियों में नए सदस्यों को जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
इस बैठक में समितियों के पुनर्गठन, प्रशासनिक सुधारों और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। साथ ही नए CEO की नियुक्ति प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी, जिससे ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने की उम्मीद है।