
Ram Mandir Donation Row: राम मंदिर चंदा चोरी (Ayodhya Ram Mandir Donation Theft) मामले की जांच में पुलिस को नया सुराग मिला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक पकड़े गए किसी भी आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। यही वजह है कि जांच एजेंसियों को इस पूरी साजिश के पीछे किसी बड़े मास्टरमाइंड के होने का शक है।
जांच टीम राम मंदिर चंदा चोरी मामले से जुड़े मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश कर रही है। इसके साथ ही जांच टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) से जुड़े गोपाल राव और अनिल मिश्रा समेत कई पदाधिकारियों से पूछताछ की तैयारी की है। जल्द ही ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ हो सकती है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने जांच तेज कर दी है। SIT ने अब तक वित्तीय अनियमितता को लेकर 10 बैंक कर्मियों से पूछताछ की है। SIT ने ने SBI बैंक के मैनेजर से भी पूछताछ की है। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने बैंक से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और लेनदेन का पूरा ब्यौरा अपने कब्जे में ले लिया है। अब दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर कहां गड़बड़ी हुई? सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में 2 से 3 लोगों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। इन लोगों की गतिविधियों को लेकर SIT बारीकी से जांच कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी करुणेश पांडे के पिता रामदास पांडे ने अपने बेटे का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि करुणेश निर्दोष है और उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। रामदास पांडे ने कहा- करुणेश हमारा बेटा है। हम उसे अच्छी तरह जानते हैं। उसने ऐसा कोई काम नहीं किया है। अगर किसी को शक है तो हमारी पूरी संपत्ति की जांच करा ली जाए। हमारे पास पुश्तैनी जमीन-जायदाद के अलावा कुछ भी नहीं है।