अयोध्या

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की योग्यता के लिए पूछे गए 34 सवाल; IPS अमिताभ ठाकुर ने भरा फार्म, कही ये बड़ी बात

Ram Mandir CEO Application Form: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को चयन समिति ने 34 सवालों का ऑनलाइन फॉर्म भेजा है। इस फॉर्म में आवेदकों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी के साथ ही धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल पूछे गए। CEO पद के पहले आवेदक पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट की चयन प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया दी है।
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Jul 24, 2026
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (photo- x@RamJanmbumi)

Ram Mandir Trust CEO Recruitment:श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए चयन प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। इस बेहद अहम और संवेदनशील पद के लिए देश-भर से 5000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। नियुक्ति के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय चयन समिति ने सभी आवेदकों को एक ऑनलाइन गूगल फॉर्म भेजा है जिसमें कुल 34 सवाल पूछे गए हैं। इन सवालों के जरिए आवेदकों की व्यक्तिगत जानकारी से लेकर उनकी प्रशासनिक क्षमता और भीड़ प्रबंधन कौशल को परखा जा रहा है। चयन समिति को इन सभी आवेदकों में से 3 सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों की एक फाइनल लिस्ट तैयार करनी है। यह सूची 2 सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंप दी जाएगी।

व्यक्तिगत-सामान्य जानकारी पर विशेष जोर

इस ऑनलाइन फॉर्म में 9 बिंदुओं पर आवेदकों से उनकी व्यक्तिगत और सामान्य जानकारी मांगी गई है। इसमें आवेदक का पूरा नाम, जन्म तिथि, वर्तमान आयु और संपर्क विवरण (पूरा पता, शहर, राज्य, पिन कोड, मोबाइल नंबर और ईमेल ID) शामिल है। इसके अलावा भाषा ज्ञान परखने के लिए यह भी पूछा गया है कि उनकी हिंदी और अंग्रेजी भाषा पर कितनी अच्छी पकड़ है। सभी सवालों के जवाब देने के लिए फॉर्म में अलग-अलग विकल्प भी दिए गए हैं।

शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर अनुभव की परख

CEO जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए आवेदक की शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता बहुत ज्यादा मायने रखती है। फॉर्म में आवेदक को अपनी सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता बतानी होगी कि वह ग्रेजुएट है या पीएचडी कर चुका है। इसके साथ ही यह भी बताना होगा कि वह वर्तमान में कहीं नौकरी कर रहा है या फिर रिटायर हो चुका है। यदि वह कहीं कार्यरत है तो उस संस्था का पूरा ब्योरा देना होगा। कॉर्पोरेट, प्रशासनिक या प्रबंधकीय क्षेत्र में एक्सपीरियंस को लेकर भी सवाल किए गए हैं। इसके लिए 20 से 30 वर्ष या उससे अधिक अनुभव का ऑप्शन चुनना होगा। आवेदक को अपने काम जैसे कॉर्पोरेट, रक्षा, प्रशासन, नौकरशाही, बैंक या आईटी किस क्षेत्र से जुड़ा है यह भी बताना होगा।

बड़े आयोजनों का अनुभव भी जरूरी

अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनने के बाद यहां साल-भर बड़े आयोजन होते रहते हैं जिनमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में नए CEO के लिए भीड़ प्रबंधन की योग्यता बहुत ही अहम हो जाती है। चयन समिति ने पूछा है कि क्या आवेदक ने अतीत में किसी बड़े आयोजन का सफल संचालन या प्रबंधन किया है। उन आयोजनों में 5000 से लेकर 20,000 या उससे अधिक कितने लोग शामिल हुए थे इसका विकल्प भी चुनना होगा। आयोजन की अवधि 1 से 5 दिन या उससे अधिक थी इसकी जानकारी भी विस्तार से देनी होगी। आवेदक को उस आयोजन का नाम, वर्ष और उसमें अपनी सटीक भूमिका भी बतानी होगी।

धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव पर भी सवाल

यह पद एक प्रमुख धार्मिक ट्रस्ट से जुड़ा है इसलिए सामाजिक और धार्मिक आस्था से जुड़े कई अहम सवाल भी फॉर्म में शामिल किए गए हैं। आवेदकों से पूछा गया कि क्या वह पहले भी किसी सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्था या किसी मठ-मंदिर से जुड़े थे। यदि हां तो उसका यह अनुभव कितने सालों का है। इसके लिए 1 से 10 साल या उससे ज्यादा का विकल्प दिया गया है। इस फॉर्म में सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक यह है कि, आवेदक को स्पष्ट करना होगा वह खुद को एक कट्टर हिंदू मानता है या फिर एक आस्थावान हिंदू। जिस धार्मिक या सामाजिक संस्था से वे जुड़े रहे हैं उसके आकार के बारे में भी पूरी जानकारी मांगी गई है।

केंद्र और RSS की निगरानी में होगा अंतिम चयन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के विकास को लेकर आवेदक को अपना विजन, कार्ययोजना और कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा करने होंगे। अगर आवेदक की कोई खास उपलब्धि रही है तो उसका उल्लेख भी करना अनिवार्य है। उम्मीदवारों को अपने काम और अनुभव की पुष्टि के लिए कम से कम 2 प्रतिष्ठित लोगों के नाम और संपर्क सूत्र रेफरेंस के रूप में देने होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, CEO पद का आखिरी फैसला केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की निगरानी में किया जाएगा। इस कुर्सी पर उसी व्यक्ति की नियुक्ति होगी जिस पर सरकार और संघ दोनों की पूर्ण रूप से सहमति होगी। भविष्य में CEO कार्यालय के अन्य स्टाफ की नियुक्ति में भी सरकार और संघ दोनों की अहम भूमिका रहेगी।

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने भरा गूगल फार्म

पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उन्हें भी ट्रस्ट की ओर से फॉर्म प्राप्त हुआ है। उन्होंने तय समय-सीमा के भीतर सभी जरूरी जानकारियां भरकर आवेदन ट्रस्ट को भेज दिया है। अमिताभ ने कहा है कि इतने विस्तार से जानकारी मांगना चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और योग्यता पर आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि राम मंदिर ट्रस्ट पूरी निष्पक्षता के साथ नए CEO का चुनाव करेगा ताकि संस्था को एक सक्षम और मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व मिल सके। बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए सबसे पहला आवेदन उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने ही किया था।

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