
Brajesh Pathak Latest News: आने वाले समय में दुनिया में लड़ाई का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। अब भविष्य के युद्ध बारूद, बंदूक या बड़ी-बड़ी मिसाइलों से नहीं, बल्कि आसमान में उड़ने वाले हाई-टेक ड्रोन से लड़े जाएंगे। इसी को देखते हुए यूपी सरकार अब नोएडा में युद्ध वाले ड्रोन बनाने की एक बहुत बड़ी फैक्ट्री लगाने जा रही है। यह बड़ा एलान यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बाराबंकी में एक कार्यक्रम के दौरान किया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के अस्पतालों और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी कई बड़े वादे किए, जिसमें डॉक्टरों को 5 लाख रुपये महीना तक की सैलरी देने की बात कही गई है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकार आने वाले समय की सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर रही है। नोएडा में जो नई ड्रोन फैक्ट्री बनेगी, वहां न सिर्फ ड्रोन बनाए जाएंगे बल्कि उनके अंदर इस्तेमाल होने वाली एडवांस ड्रोन टेक्नोलॉजी भी तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि यूपी में नए उद्योग लगाने के लिए सरकार जमीन देने के नियम बहुत आसान कर रही है। साथ ही रजिस्ट्री में छूट देकर फैक्ट्रियां लगाने के लिए एक अच्छा माहौल बना रही है।
सरकारी अस्पतालों में अच्छे इलाज और बड़े डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डिप्टी सीएम ने बताया कि सरकारी सेवा में आने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों को 5 लाख रुपये महीना तक का वेतन दिया जा रहा है। यही नहीं, जो बड़े डॉक्टर्स फुल-टाइम नहीं आ सकते, उनसे 'ऑन-कॉल' (जरूरत पड़ने पर बुलाए जाने वाले) सेवाओं के लिए मानदेय पर बात चल रही है।
डिप्टी सीएम ने इस बात पर चिंता जताई कि देश और राज्य में कैंसर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी के इलाज के लिए सरकार का बड़ा प्लान है। अब राज्य के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा ताकि लोगों को अपने घर के पास ही इलाज मिल सके। इसके साथ ही हर मंडल स्तर पर कैंसर का एक बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। गंभीर मरीजों के लिए ऑनलाइन इलाज की व्यवस्था भी बड़ी की जा रही है, जिससे जिला अस्पताल के मरीज सीधे लखनऊ पीजीआई (PGI) के बड़े डॉक्टरों से कंप्यूटर या मोबाइल के जरिए अपनी बीमारी का इलाज पूछ सकेंगे।
बाराबंकी के अस्पतालों की शिकायतों और पत्रकारों के सवालों पर ब्रजेश पाठक ने कड़ा रुख अपनाया। छोटे सरकारी अस्पतालों (सीएचसी) पर इमरजेंसी सेवाएं न मिलने की शिकायत पर उन्होंने सीएमओ (CMO) को साफ निर्देश दिए कि सभी सीएचसी पर 24 घंटे कम से कम एक डॉक्टर का रुकना जरूरी है और वहां इमरजेंसी का इलाज तुरंत शुरू किया जाए।