भोजपुरी

नाभि के लिए भोजपुरी सिंगर्स और हीरो में क्यों है इतना ऑब्सेशन? निरहुआ ने दिया सटीक जवाब

Nirahua On Bhojpuri Industry: अक्सर भोजपुरी इंडस्ट्री के गानों को अश्लील कहा जाता है। साथ ही ज्यादातर गानों में नाभि और अंगों पर ही क्यों फोकस किया जाता है उसका जवाब एक्टर निरहुआ ने दिया है।
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Feb 24, 2026
अक्सर भोजपुरी इंडस्ट्री के गानों और स्टार्स को अश्लील इंडस्ट्री कहा जाता है। उसके गाने भी बेहद खराब होते हैं। साथ ही ज्यादातर गानों में नाभि और अंगों पर ही क्यों फोकस किया जाता है उसका जवाब एक्टर निरहुआ ने दिया है।
निरहुआ ने भोजपुरी इंडस्ट्री को लेकर की बात

Nirahua On why Bhojpuri Industry use navel word: भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते हैं। अक्सर भोजपुरी गानों पर लगने वाले अश्लीलता के आरोपों पर निरहुआ ने इस बार एक अलग नजरिया पेश किया है। उन्होंने न केवल फिल्म इंडस्ट्री और गायकों को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि दर्शकों को भी उनकी जिम्मेदारी याद दिलाई है। साथ ही उन्होंने बताया है कि आखिर क्यों भोजपुरी में ज्यादातर गानों में नाभि (नेवल) शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।

नाभि और अंगों पर केंद्रित क्यों हैं गाने? (Nirahua On why Bhojpuri Industry use navel word)

हाल ही में 'डिजिटल कमेंट्री' को दिए एक इंटरव्यू में निरहुआ से एक सीधा और तीखा सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि आखिर भोजपुरी गानों और फिल्मों में 'नाभि' (नेवल) को लेकर इतनी दीवानगी या ऑब्सेशन क्यों है? इस पर निरहुआ ने बड़ी ईमानदारी से जवाब देते हुए कहा कि आजकल राइटर्स ने 'श्रृंगार' रस को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

निरहुआ ने बताया क्यों होता है फोकस बॉडी पर

निरहुआ ने आगे बताया, "इसके पीछे एक बड़ा कारण है। आजकल जो भी गाने लिखे जा रहे हैं, वह ज्यादातर अवैध संबंधों या शरीर के अंगों के इर्द-गिर्द घूमते हैं। श्रृंगार रस अब गायब हो चुका है और फोकस पूरी तरह शरीर पर केंद्रित हो गया है। दुर्भाग्य से, जब भी ऐसा कोई गाना आता है, तो वह बहुत ज्यादा हिट हो जाता है। लोग उसे हर जगह बजाने लगते हैं, जिससे मेकर्स को लगता है कि यही बिकता है।"

निरहुआ ने दिया शानदार जवाब

निरहुआ ने गायकों और लेखकों पर रोक लगाने की बात तो कही, लेकिन उन्होंने उन गानों को सुनने वाले लोगों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अगर ये गाने सिर्फ ट्रकों में बज रहे होते, तो समझ आता कि कोई बदमाश गाना बजा रहा है। लेकिन आज लोग अपनी शादियों में, अपने घर के आंगन में, जहां मां-बहन और बेटियां बैठी हैं, वहां ये गंदे गाने बजा रहे हैं। उनको वो गोबर महकना बंद हो गया। उनको समझ ही नहीं आ रहा है कि हम क्या कर रहे हैं।"

निरहुआ ने आगे कहा कि म्यूजिक कंपनियां और गायक तो पैसे के लिए गाते रहेंगे, लेकिन एक दर्शक और समाज के नाते हमें तय करना होगा कि हमारी बहन-बेटियां किन गानों पर डांस कर रही हैं। जब तक सुनने वाले इसे नकारेंगे नहीं, ये सिलसिला थमेगा नहीं।

दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' का सफर

आपको बता दें कि निरहुआ ने अपने करियर की शुरुआत एक लोक गायक के रूप में की थी। साल 2003 में उनके एल्बम 'निरहुआ सटल रहे' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। 2008 में फिल्म 'निरहुआ रिक्शावाला' की बंपर सफलता के बाद वे भोजपुरी जगत के निर्विवाद सुपरस्टार बन गए। आज वे न केवल एक अभिनेता हैं, बल्कि राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Updated on:
24 Feb 2026 03:41 pm
Published on:
24 Feb 2026 03:41 pm