कोरोना के इस दौर में इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है...।
भोपाल. मध्यप्रदेश में कोरोना का प्रकोप कुछ थमा है. नए मरीजों की संख्या तेजी से कम हुई है हालांकि मरीजों के मौतों के आंकड़े बढ़े हैं. कोरोना के इस दौर में इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है. एक्सपर्ट बताते हैं कि हमारा शरीर अक्सर हमें कमजोर इम्यूनिटी (immunity) के संकेत देता है. इन्हें नजरअंदाज न करें.
एक्सपर्ट के अनुसार कोरोना के इस दौर में हम ये जरूर जान चुके हैं कि इम्यूनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है. जिसकी इम्यूनिटी (Immunity ) कमजोर होती है उसका केवल कोरोना से नहीं बल्कि अन्य किसी बीमारी या वायरस से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. ऐसे में अपनी इम्यूनिटी पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है.
अक्सर हमारा शरीर हमें कमजोर इम्यूनिटी के संकेत भी देता है लेकिन हम उन्हें प्राय: नजरअंदाज कर देते हैं. श्वांस रोग स्पेशलिस्ट डॉ. एमके खान के अनुसार अब इम्यूनिटी कमजोर होने के शरीर के इन संकेतों पर गौर करना हो गया है ताकि कोरोना जैसी गंभीर बीमारी सहित अन्य बीमारियों से भी बचा जा सके.
कमजोर इम्यूनिटी के ये हैं लक्षण
पाचन संबंधी दिक्कतें- डायरिया, कब्ज, पेट में गड़बड़ी और दर्द होना कमजोर इम्यूनिटी का परिणाम होता है. शरीर की आंते इम्यूनिटी को बनाए रखने का काम करती हैं और आंतों में परेशानी से इम्यूनिटी कम होने लगती है जिसके कारण पेट की समस्याएं भी होती हैं.
जोड़ों में तेज दर्द- इम्यूनिटी (Immunity ) के कमजोर होने का एक संकेत यह भी है. जोड़ों और मसल्स का लगातार दर्द होना खतरनाक है. इम्यूनिटी अच्छी हो तो जोड़ों और मसल्स के दर्द से जल्द राहत मिल जाती है.
ड्राई स्किन और बैक्टीरिया संबंधी दिक्कतें- जिस व्यक्ति की इम्यूनिटी कमजोर होती है उसे त्वचा संबंधी दिक्कतें भी ज्यादा होती हैं. इम्यूनिटी कमजोर होने पर ड्राई स्किन और बैक्टीरिया या फंगस की समस्या हो सकती है.
हर समय थकावट महसूस करना- जब शरीर रोगों से लड़ पाने में नाकाम होने लगता है तो शरीर हर समय थकावट महसूस करता है. इस लक्षण के साथ ही शरीर का इम्यून सिस्टम आपको कमजोर होने का संकेत दे रहा होता है.
बार-बार सर्दी जुकाम होना- सर्दी, जुकाम, नाक बहना और हल्का बुखार होना भी कमजोर इम्यूनिटी के लक्षण हैं.