IED Blast: बरसाती नालों और पहाड़ों से घिरे इंद्रावती नेशनल पार्क के घने जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाई गई प्रेशर आईईडी सुरक्षा बलों और ग्रामीणों दोनों के लिए मौत का जाल बन चुकी हैं।
IED Blast: बरसाती नालों और पहाड़ों से घिरे इंद्रावती नेशनल पार्क के घने जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाई गई प्रेशर आईईडी सुरक्षा बलों और ग्रामीणों दोनों के लिए मौत का जाल बन चुकी हैं।
सोमवार सुबह इसी इलाके में डीआरजी टीम सर्चिंग पर निकली थी। तभी भोपालपट्टनम थाना क्षेत्र के चिल्लामारका जंगल में आईईडी ब्लास्ट हो गया। इस धमाके में डीआरजी का जवान दिनेश नाग शहीद हो गया। वहीं जवान पायकु हेमला, भारत धीवर और मुण्डरू राम कोवासी घायल हो गए। घायल जवानों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया।
बीजापुर जिले का नेशनल पार्क इलाका करीब 1,258 वर्ग किमी में फैला है। इंद्रावती नदी से सटा यह इलाका महाराष्ट्र बॉर्डर से जुड़ा होने के कारण नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता रहा है। नेशनल पार्क क्षेत्र में चार ग्राम पंचायतें एडपल्ली, बड़ेकाकलेड, सेंड्रा और केरपे आती हैं, जिनके अंतर्गत करीब 40 गांव बसे हैं।
पिछले दो महीने से ग्रामीणों की आवाजाही ठप है। पीलूर से भोपालपटनम जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह आईईडी बिछाई गई हैं। ग्रामीण बताते हैं कि कई बार इन ब्लास्ट की चपेट में मवेशी तक मारे जाते रहे हैं।
9 फरवरी 2025 को इसी इलाके में हुई मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए थे। हालांकि इस दौरान फोर्स के दो जवान भी शहीद हुए। 6 जून 2025 को फिर मुठभेड़ में सात नक्सली ढेर हुए, जिनमें सेंट्रल कमेटी सदस्य सुधाकर और भास्कर भी शामिल थे।
बीजापुर के कुटरू में 6 जनवरी को आईईडी ब्लास्ट में 8 डीआरजी जवान शहीद
बीजापुर में ही 21 अप्रैल को ब्लास्ट में सीएएफ का एक जवान शहीद
सुकमा के कोंटा में 9 जून को ब्लास्ट में एएसपी आकाश राव शहीद
बीजापुर-सुकमा-नारायणपुर जिले में अब तक 13 जवान जख्मी हो चुके हैं।